ओवैसीका सत्य, वायनाडमें ४० प्रतिशत मुसलमान, इसलिए वहांसे जीते राहुल गांधी !


जून १०, २०१९

‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसीने दावा किया है कि वायनाडसे राहुल गांधीको जीत इसलिए मिली; क्योंकि वहांपर ४० प्रतिशत मुसलमान हैं । उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीपर लक्ष्य साधा और कहा कि वह देशमें मुसलमानोंके लिए स्थान चाहते हैं; परन्तु वह यह नहीं जानते कि मुस्लिम समुदाय किसीकी भीखपर जीवित नहीं है ।

ओवैसीने रविवारको एक जनसभामें कहा कि १५ अगस्त, १९४७ को जब देश स्वतन्त्र हुआ तो हमारे वृद्धोंने सोचा था कि यह एक नूतन भारत होगा । यह भारत स्वतन्त्र, गांधी, नेहरू, अम्बेडकर और उनके कोटि अनुयायियोंका होगा । उन्होंने कहा, ‘मुझे अभी भी आशा है कि हमें इस देशमें अपना अधिकार मिलेगा । हमें भीख नहीं चाहिए, हम आपकी भीखपर नहीं रहना चाहते ।’

ओवैसीने कहा, ‘आप कांग्रेस और दूसरी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां छोडना नहीं चाहते; परन्तु स्मरण रहे कि उनके पास शक्ति और सोच नहीं है, वे कठिन परिश्रम भी नहीं करते ।’ ओवैसीने प्रश्न किया, बीजेपी कहां पराजित हुई है ? फिर इस प्रश्नके उत्तरमें उन्होंने कहा कि पंजाबमें बीजेपी पराजित हुई है । वहां कौन है ? पंजाबमें सिख अधिक हैं । देशमें बीजेपीको और कहां पराजय मिली ? बीजेपी क्षेत्रीय पार्टियोंसे पराजित हुई है, कांग्रेससे नहीं ।

हैदराबाद सांसदने राहुल गांधीको कहा कि कांग्रेसके राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं अपने गढ अमेठीसे चुनाव पराजित हुए । वह वायनाडसे विजयी हुए । उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वायनाडसे विजयी हुई, क्योंकि वहां ४० प्रतिशत मुसलमान हैं ।

आपको बता दें कि राहुल गांधीको वायनाडमें लगभग ७ लाख वोट मिले और वह यहां ४,३१,०६३ वोटोंसे चुनाव विजयी हुए हैं । राहुल गांधीने यहांपर अपने प्रतिद्वंदी लेफ्ट डेमोक्रैटिक फ्रंटके प्रत्याशी पीपी सुनीरको पराजित किया । केरलमें कांग्रेस और यूनाइडेट डेमोक्रैटिक फ्रंटके गठबंधनको २० मेंसे १९ सीटोंपर विजय मिली । वहीं दूसरी ओर गांधी परिवारके गढ उत्तरप्रदेशके अमेठीमें राहुल गांधीको बीजेपी प्रत्याशी स्मृति इरानीसे पराजय मिली ।

“यदि हिन्दू और शासकगण अब भी सचेत नहीं हुए और बढती हुई मुसलमान जनसंख्यापर रोक नहीं लगाई, तो स्मरण रखे कि मुसलमान बहुल जनसंख्याके क्षेत्रसे हिन्दुत्वनिष्ठ व्यक्ति कभी नहीं विजयी हो सकता है और ऐसेमें आगे चलकर, जब मुसलमानोंकी जनसंख्या तीव्रतासे बढ रही है, देशकी क्या स्थिति होगी ?, इसपर स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : नभाटा



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