ओवैसीके भडकाऊ बोल, मुसलमान देशमें किराएदार नहीं, भागीदार हैं; भाजपासे भयभीत होनेकी आवश्यकता नहीं !



जून १, २०१९

‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’के (एआईएमआईएमके) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसीका कहना है कि देशके मुसलमानोंको बीजेपीके सत्तामें आनेसे भयभीत नहीं होना चाहिए । मुसलमान देशके भागीदार हैं, किराएदार नहीं । उन्‍हें धार्मिक स्‍वतन्त्रताका अधिकार संविधानसे मिला है । यदि मोदी मन्दिरमें जा सकते हैं तो मुसलमान भी मस्जिद जा सकता है । हैदराबादके सांसद ओवैसी शुक्रवारको मक्‍का मस्जिदमें एक सभाको सम्बोधित कर रहे थे ।

ओवैसीने कहा, “यदि कोई यह समझ रहा है कि हिंदुस्‍तानके वजीर-ए-आजम ३०० सीटें जीतकर हिन्दुस्‍तानपर मनमानी करेंगें तो यह नहीं हो सकेगा । वजीर-ए-आजमसे हम कहना चाहते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी आपसे लडेगा, दीनोंके न्यायके लिए लडेगा ।”

ओवैसीने आगे कहा कि हिंदुस्‍तानको आबाद रखना है, हम हिंदुस्‍तानको आबाद रखेंगें । हम यहांपर समान नागरिक हैं, किराएदार नहीं हैं, भागीदार रहेंगें । मुसलमानोंकी धार्मिक स्‍वतन्त्रताके अधिकारपर ओवैसीका कहना था कि जब देशके प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी मंदिर जा सकते हैं, तो आप भी गर्वसे मस्जिद जा सकते हैं ।

ओवैसीने मुसलमानों और दलितोंके मध्य एकतापर बल देते हुए कहा कि उनकी पार्टी मुसलमानों, दलितों और वंचितोंके अधिकारके लिए लडती रहेगी । प्रकाश आंबेडकरको ‘बडा भाई’ बताते हुए औवेसीने कहा कि मुसलमान और दलित एकताके कारण ही महाराष्‍ट्रकी औरंगाबाद सीटपर उनकी पार्टी एआईएमआईएमको विजय मिली है ।

“ओवैसीजी आपके कथनानुसार मुसलमानोंको भागीदार हिन्दू सदासे ही मनाते आए हैं; अन्यथा विश्वमें कोई ही ऐसा देश होगा जो अपने मन्दिरोंके स्थानपर मस्जिदें खडी करवा दे और उन मस्जिदोंमें आतंकी तैयार हो और वे आतंकी हिन्दुओंको ही काफिर बताकर मारें ! और भागीदारी तो कश्मीर, बंगाल, केरलमें भी हुई थी, क्या हुआ वहांपर ? हिन्दू अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है ! यह राष्ट्र अब वास्तविकताको पहचानकर सम्भल जाए, इसीमें राष्ट्रका भला है । “-  सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : नभाटा



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution