कर्नाटक विधानसभाके अकर्मण्य पुरुष नेताओंकी लज्जाहीनता, सभापतिके दुष्कर्म पीडितासे तुलना करनेपर सभीने लगाए ठहाके !!


फरवरी १३, २०१९


कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमारने मंगलवार, १२ फरवरीको सदनमें वार्ताके समय अत्यधिक असंवेदनशील वक्तव्य दे डाला । उन्होंने बार-बार अपना नाम आनेपर अपनी तुलना ऐसी दुष्कर्म पीडितासे कर डाली, जिससे बार-बार प्रश्न-उत्तर किए जाते हैं । सदनमें विवादित ध्वनिमुद्रणपर बहस चल रही थी, जिसमें उनको लेकर बार-बार आरोप लगाए जा रहे थे ।


बता दें कि मुख्यमन्त्री कुमारस्वामीने एक ध्वनिमुद्रण जारीकर राज्य बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पापर विधायकोंको क्रय करनेके प्रयासका आरोप लगाया था । इसके विवादकी शासनने विशेष जांच दलसे जांच करानेकी घोषणा कर दी । ‘एसआईटी’ जांचको लेकर विधानसभामें हो रही चर्चाके समय अध्यक्षने विवादित टिप्पणी कर दी ।

सभापतिने (स्पीकरने) उनके विरुद्घ लगे आरोपोंका बार-बार वर्णन किए जानेका सन्दर्भ देते हुए कहा कि उनकी स्थिति एक दुष्कर्म पीडिता जैसी हो गई है; क्योंकि उनसे भी घटनाके बारेमें बार-बार प्रश्न किए जाते हैं । उनके इस वक्तव्यके पश्चात सदनमें ठहाके लगने लगे, जबकि सदनमें उपस्थित १० महिला सदस्या मौन साधे दिखीं । यहांतक कि बीजेपी महिला मोर्चाकी अध्यक्षा भारती शेट्टीने मंगलवारको मैसूरमें कहा कि उन्हें नहीं लगता महिलाएं पुरुषोंके समान होती हैं ।

 

“अयोग्य जनताद्वारा चुने गए नेता अयोग्य ही होते हैं, इसमें कोई सन्देह नहीं है । जिन नेताओंमें इतनीसी भी सन्वेदनशीलता नहीं है, उनसे दुष्कर्म विरोधी विधान बनानेकी आशा कैसे की जा सकती है ? ऐसे लोग नेता तो दूर पुरुष कहलाने योग्य नहीं है । वास्तवमें ये सभी नेता अपनी असफलतापर ही उपहास कर रहे हैं कि इनकी अकर्मण्यताके कारण कैसे युवतियोंका उपहास किया जाता है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : नभाटा



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