केजरीवाल शासनने बन्द पडे चिकित्सालयको बताया क्रियाशील, उच्च न्यायालयने दी फटकार
११ मई, २०२१
द्वारका स्थिति बन्द पडे इंदिरा गांधी चिकित्सालयको केजरीवाल शासनने अन्तर्जालपर खुला हुआ बताया, जबकि दो दिवस पश्चात भी उस चिकित्सालयको बन्द पाया गया । इस अनुचित समाचारके कारण संक्रमित रोगियोंको अत्यधिक असुविधा हुई । अन्तर्जालपर डेढ सौ शैय्याको रिक्त बताया गया, जिनकी उचित जानकारी जाने बिना ही अधिकारियोंने अन्तर्जालपर प्रसारण कर दिया गया । इस प्रकारकी प्रस्तुतिपर केजरीवाल शासनसे उच्च न्यायालयने स्पष्टीकरण मांगा । केजरीवालके अभिवक्ताने इसे, ‘एसओ’का प्रमाणपत्र विलम्बसे उपलब्ध होना बताया और फटकार पडनेपर अभिवक्ताने क्षमा याचनाकी । उच्च न्यायालयने उन्हें ऐसा पुनः न करनेकी चेतावनी भी दी ।
ये वही केजरीवाल हैं जो इन दिनों दूरदर्शन विज्ञापनके माध्यमसे देहलीमें ‘वैक्सीन’की कमीका निरन्तर रोना रो रहे हैं, जबकि उन्होंने ‘वैक्सीन’ क्रय करनेका कोई आदेश ही जारी नहीं किया है । ऐसे झूठे लोग पुनः सत्तामें आ जाते हैं, यह लोकतन्त्रकी घोर विफलता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply