दिसम्बर २८, २०१८
केन्द्रीय मन्त्री गिरिराज सिंहने कहा कि स्वतन्त्रताके समय देशमें ९० प्रतिशत हिन्दू थे, अब ७० प्रतिशत रह गए हैं ! यदि देशमें दो बच्चोंका विधान नहीं बना तो अगले २० वर्षोंमें हिन्दू मिट जाएगा । न देशमें विकास बचेगा और न लोकतन्त्र । पाकिस्तानके विभाजनके समय ही भारतको हिन्दू राष्ट्र कर देना चाहिए था । कहा कि देश हिन्दुओंने नहीं मुसलमानों और जिन्नाने तोडा है । अब मुसलमान अपने बच्चोंको बढा रहे हैं । भारतको मुस्लिम राष्ट्र बननेसे बचाना होगा ।
‘जनसंख्या सावधान फाउंडेशन’के तत्वावधान आयोजित कार्यक्रममें गिरिराज सिंहने कहा कि लोग देशकी स्वतन्त्रता कभी १२५ कोटि तो कभी १३० कोटि बताते हैं । चलमाष कहता है कि १३६ कोटि है । आधारके अनुसार १४३ कोटि है । रोंहिग्या और बांग्लादेशी घूसपैठियोंको मिला लिया जाए तो भारतकी जनसंख्या चीनके समतुल्य हो जाएगी । चीनमें एक मिनटमें ११ बच्चे हो रहे हैं, जबकि भारतमें ३० बच्चे पैदा होते हैं । विश्वकी एक तिहाई जनसंख्या भारतमें है । जबकि भूमि दो प्रतिशत और जल चार प्रतिशत है । १२ माहका पर्यावरण सात माहमें ही व्यय हो रहा है ।
उन्होंनें कहा कि फोरलेन सडकका निर्माण पूर्ण होने तक उसपर आठ लेनकी जनसंख्या आ जाती है । गांवमें विद्यालय दो कक्षका पास होता है और उसके बनने तक चार कक्षकी जनसंख्या हो जाती है । बढती भीड स्टेशनपर यात्रीको मेट्रोपर स्वयं ही चढा देती है और स्वयं उतार देती है । चीनमें १९७९ में जनसंख्या नियन्त्रण विधान पारित हो गया । आज चीन, रूस और अमेरिकाके समकक्ष खडा है, परन्तु जब भारतमें विधान बनानेकी बात होती है तो राजनेताके रूपमें भगवान मध्यमें आ जाते हैं । देशकी सबसे अधिक हानि इन राजनेताओंने ही की है । मुगलोंने हिंदुओंको जातियोंमें विभाजित कर दिया और अंग्रेजोंने इसे और तोडा । १९६२ में प्रथम मतदानमें मुसलमानके रूपमें केवल मुसलमान खडा हुआ और हिन्दुओंमें जातियां खडी हुईं । यदि आगामी पांच वर्षोंमें भी जनसंख्या रोकनेको विधान नहीं बना तो यह अन्तिम स्तरका कर्करोग होगा ।
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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