केरलके निधर्मी मन्त्रीका दुस्साहस, सबरीमालाके विद्वान तन्त्रीको ब्रह्मराक्षस कहा !!


दिसम्बर ५, २०१९

केरलके एक वरिष्ठ मन्त्रीने सबरीमालाके तन्त्रीपर (मुख्य पुजारी) लक्ष्य साधते हुए उन्हें ब्रह्मराक्षस कहा !!
बुधवारको दोनों महिलाओंके प्रवेशके पश्चात तन्त्री कंदारू राजीवरूने ‘शुद्धिकरण’ पूजा करनेके लिए मंदिरका गर्भगृह बंद कर दिया । केरल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मन्त्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट दलके (सीपीएम) वरिष्ठ नेता जी सुधाकरनने पूछा, “क्या एक बहनके साथ अपवित्रकी भांति व्यवहार करनेवालेको मनुष्य समझा जा सकता है ?”

मीडियासे वार्तामें उन्होंने कहा, “तन्त्री जाति दानवका एक प्रतीक है । वह एक ब्राह्मण नहीं है, वह ब्रह्मराक्षस है । यदि कोई ब्राह्मण राक्षस बन जाए तो वह भयानक बन जाएगा । वह कोई शुद्ध ब्राह्मण नहीं है । भगवान अयप्पाके प्रति उन्हें कोई प्रेम, सम्मान और निष्ठा नहीं है ।” उल्लेखनीय है कि कनकदुर्गा और बिंदुने पुलिसके घेरेमें मंदिरमें प्रवेश किया था ।

 

“ईश्वरने मन्त्रीको मन्त्रीपद दिया ताकि वह जनसाधारणके भलेके लिए कार्यरत हों ! परन्तु अपने मुख्य कार्य व सेवाको छोड, जो कार्यक्षेत्र उनका नहीं है, उसमें न केवल हस्तक्षेपकर, वरन प्रमुख विद्वानोंका अपमानकर, वे स्वयं अपने लिए मरणोपरान्त प्रेत योनिकी तैयारी कर रहे हैं ! तन्त्री अपना कार्य निष्ठापूर्वक कर रहे हैं और मन्त्री अधर्म; अतः मन्त्रीका तन्त्रीपर कटाक्ष करना सूरजपर थूकनेके समान ही है । हिन्दुओ ! गंगा स्नान करें, पूजा पाठ करें, परन्तु जब धर्मकी ऐसी विडम्बना हो तो मौन धारणकर किया गया गंगा स्नान भी धर्म व पुण्यकी प्राप्ति नहीं करवा पाया है; अतः केरलके धर्मद्रोही शासनका मुखर होकर विरोध करें व केन्द्र अब इस प्रकरणमें हस्तक्षेप करें  !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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