फरवरी १३, २०१९
नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षककी (कैगकी) राफेल विमानसे जुडी बहुप्रतीक्षित विवरण बुधवार, १३ फरवरीको राज्यसभामें प्रस्तुत हो गई । इसमें कहा गया है कि नूतन लेन-देनसे २.८६ प्रतिशतकी बचत हुई है ।
भारतीय वायुसेनामें पूंजीगत अधिग्रहणके बारेमें संसदमें रखा गया यह विवरण दो भागोंमें है । पहले भागमें इस बातका विश्लेषण किया गया है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासनके समय आरम्भ की गई । इस प्रक्रियामें अन्तिम सन्धि क्यों नहीं हो सकी ? दूसरे भागमें सौदेकी प्रक्रिया तथा अन्य बातोंका विश्लेषण किया गया है ।
ब्यौरेमें कहा गया है कि पुराने प्रस्तावित सौदेकी तुलनामें नूतनमें २.८६ प्रतिशतकी बचत हुई है । इसमें यद्यपि, विमानका मूय नहीं बताया गया है ।
“‘राफेल घोटाला, राफेल घोटाला’ समाचार माध्यम हो, कांग्रेस हो अथवा अन्य विपक्षी दल हो, गत कुछ माहसे ओछे राजनीतिक लाभके लिए एक षडयन्त्र अन्तर्गत शासनको अपमानित करनेके लिए एक योजना चलाई गई, जो उजागर होनी ही थी । अब जब स्वयं ‘कैग’ने कहा है तो राहुल गांधी बताए कि उनके लिए साथ क्या दण्ड निर्धारित होना चाहिए ? दण्ड देशको भ्रमित करने लिए, दण्ड संसदके कोटि रूपये व्यर्थ करनेके लिए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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