१० अप्रैल, २०२०
देशभरमें प्रत्येक स्थानपर थूकनेके साथ-साथ जिहादियोंने आवासीय क्षेत्रोंमें थूकसे सने दो-दो सहस्रके नकली नोट सडकोंपर फेंके परन्तु सौभाग्यवश कि ‘नोटों’को किसीने उठाया नहीं। देहलीके बुध विहारमें इसी प्रकारके कुछ नोट जिहादियोंद्वारा महामारी फैलाने हेतु षड्यन्त्र करते हुए अनेक स्थलोंपर गिराए गए हैं ! किसी महिलाद्वारा परिवाद करनेपर सुरक्षा दलोंने उनपर पत्थर रख दिया और जांच करनेपर सभी नोट नकली ही पाए गए; परन्तु महामारीके भयसे किसीने उन नोटोंको नहीं छुआ ।
भाईचारेका आश्रय लेकर हिन्दुओंके मध्य ये रहनेवाले ऐसे जिहादी क्या सभ्य समाजमें रहने योग्य है ? अब हिन्दुओंको एक होकर, स्वयं जागरूक होकर अन्य सभी हिन्दुओंको जगाना होगा ! तभी ऐसे धर्मान्धोंके मनमें भय उत्पन्न हो सकता है !- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अग्निपोस्ट
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