टेरर फंडिंग रुकी, पैसों के लिए फिर बैंक लूटने लगे आतंकी


जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग पर एनआईए ने ऐसी चोट पहुंचाई है किआतंकी पैसों के मोहताज हो गए हैं। यही वजह है कि अब उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने को फिर से बैंक लूटना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों आतंकियों ने साउथ कश्मीर के शोपियां और अनंतनाग जिले में 24 घंटे के अंदर दो बैंक लूटे। पिछले दो सालों में कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर बैंक की अलग-अलग ब्रांचों से आतंकियों ने 80 लाख रुपये से अधिक कैश लूटा है।

एनआईए के ऐक्शन की वजह से जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी और अन्य आतंकी गतिविधियों में काफी कमी आई है। पिछले तीन-चार महीनों से पत्थरबाजी की घटनाएं नगण्य ही दिखी हैं। जम्मू-कश्मीर बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि उन्हें अपने बैंकों और एटीएम के सामने सुरक्षा गार्ड तैनात करने पड़े हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विदेशी फंडिंग पर एनआईए के ऐक्शन का असर आतंकियों को भी महसूस होने लगा है। एनआईएन ने टेरर फंडिंग के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और उनकी वित्तीय कमर तोड़ दी है। उन्होंने बताया कि आतंकी संगठनों को हथियार खरीदने और आतंकियों को देने के लिए काफी पैसे की जरूरत होती है।

आतंकियों ने पिछले गुरुवार को पुलवामा जिले के रत्नीपोरा ब्रांच से 10 लाख रुपये लूटे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बैंक लूट को अंजाम दे रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के लिए अब उन्हें पैसे की कमी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक आतंकियों ने 2016 में 4 बैंकों को लूटा। वहीं 2017 में अबतक आतंकी 9 बैंक जबकि 7 एटीएम लूट चुके हैं।



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