नोएडामें मदरसेमें मौलानाने बच्‍चीको बेल्‍टसे पीटा, परिवाद करनेपर परिजनोंको पुलिसने डांटा !


मई ९, २०१९


नोएडाके एक मदरसेमें मौलवीद्वारा नादान बच्चीकी पिटाई करनेका प्रकरण सामने आया है । आरोप है कि मौलवीने बच्‍चीकी ‘बेल्ट’से पिटाई की !! जब बच्‍चीके परिजन मदरसे पहुंचे तो उन्‍होंने बच्चीकी स्थिति देखी, जिसके पश्चात उन्‍होंने मौलवीके विरुद्घ कोतवाली ‘सेक्टर-४९’में लिखित परिवाद दी । पुलिसने इसपर भारतीय दण्ड संहिताकी धारा ३२३, ५०४ के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्टकर जांच आरम्भ कर दी है ।

यहां पढनेवाली इस बच्‍ची और उसकी बहनका भी कहना है कि जब वो मौलानाके प्रश्नोंका उत्तर नहीं दे पाती थीं तो मौलाना उनकी उंगलियां मोड देते थे और क्रोध आता तो ‘बेल्ट’से पीटने लगते थे ! मौलाना केवल इन्हीं दो बहनोंके साथ नहीं करता था, वरन वह सभी बच्चोंके साथ ऐसा करता था ! वहीं, पीडित बच्‍चीके परिजनोंका कहना है कि हमने अपनी बच्चियोंको अच्छी शिक्षाके लिए यहां भेजा था । हमें क्या पता था कि मौलाना ऐसा करेंगें !

परिजनोंका कहना है कि मौलानासे अधिक क्रोध उन्हें नोएडा पुलिसपर है । पुलिस पहले तो हमारी परिवादपर कार्यवाहीकर मौलानाको कोतवाली लेकर आई, तदोपरान्त उन्हें छोडकर हमें ही डांटने लगे !

यद्यपि पीडितके आरोपोंपर पुलिसका कहना है कि ये आरोप अनुचित है । हमने पीडितकी परिवादपर प्राथमिकी प्रविष्ट कर ली है और आरोपीकी खोज कर रहे हैं । आरोपी भागा हुआ है, जिसे शीघ्र पकड लिया जाएगा ।

 

“मदरसोंपर अन्धविश्वास करके मुस्लिम माता-पिता अपने बालकोंका भविष्य नष्ट करने हेतु उन्हें मदरसेमें भेजते हैं । कई मदरसोंसे बालकोंसे दुष्कर्मके, कहीं आतंकी शिक्षाके और कहीं मारने-पीटनेके प्रकरण आते रहते हैं; अतः माता-पिता मजहबी धर्मान्धतासे बाहर आएं और अपने बालकोंको मदरसोंसे उठाकर मुख्यधाराके विद्यालयोंमें प्रविष्ट कराएं, ताकि उनका भविष्य कमसे कम आतंकमें या अन्धकारमें न हो और शासन भी मदरसोंपर कडा रवैया अपनाए !” –  सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution