दिसम्बर ३०, २०१८
दक्षिण कश्मीरके पुलवामा जनपदमें शनिवार, २९ दिसम्बरको सुरक्षाबलोंके साथ मुठभेडमें ‘जैश-ए-मोहम्मद’के चार आतंकवादी मारे गए थे । इस घटनाके पश्चात रविवार, ३० दिसम्बरको जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती मारे गए आतंकवादियोंके परिजनोंसे मिलने पहुंचीं । महबूबा मुफ्तीके इस पगको आगामी मतदानसे जोडकर देखा जा रहा है ।
महबूबा मुफ्तीने कहा, “यदि कोई आक्रमणकारी है तो उसकी बहनका क्या दोष है ?, उसके साथ बहुत अनुचित हुआ है, उसके वस्त्र उतारे गए हैं, मारपीट की गई है ! कोई त्रिकुटानगरका ‘एसएचओ’ है, कोई भटिंडीका एसएचओ है, उन्होंने बहुत अनुचित किया है । पहले तो आप महिलाको हाथ नहीं लगा सकते हैं, आपके पास महिला पुलिस होनी चाहिए । इसी प्रकार इसके पति और भाईकी अत्यधिक पिटाई की गई है । मैं राज्यपालसे कहना चाहती हूं कि यदि आपका आक्रमणकारियोंके साथ झगडा है तो उनके साथ झगडा कीजिए, परन्तु उनके परिजनों और उसकी बहनके साथ ऐसा नहीं चलेगा ।”
“महबूबा प्रतिदिन भारत विरोधी वक्तव्योंसे विषतुल्य वचन बोलतीं हैं । इन सदृश नेताओंके तुष्टिकरणका ही परिणाम है कि आतंकी सेनापर पत्थर मारनेका दुस्साहस करते हैं व खुलेमें आतंकी घटनाएं करते हैं ! भारतकी विडम्बना है कि ऐसे लोग हमारे संरक्षणमें रह रहे हैं और भारत विरोधी विष ही उगलते हैं । सम्भवतः विश्वका कोई अन्य राष्ट्र ऐसा सहन नहीं करेगा ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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