जून २६, २०१९
कोलकाताके सियालदह और हावडा रेलवे स्टेशनपर छापेमारीकर कोलकाता पुलिसके विशेष बलने जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेशके (जेएमबी) चार आतंकियोंको बन्दी बनाया है । इन आतंकियोंके पास ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक’के (आइएसआइएस) कई लिखितपत्र मिले हैं, जिससे आशंका प्रकट की गई है कि इन आतंकियोंका जेएमबीके साथ-साथ आइएसआइएस आतंकी संगठनके साथ भी सम्बन्ध है ।
इन चार सदस्योंसे पूछताछमें भी कई राज सामने आए हैं । आतंकी किसी बडी घटनाको करनेका षडयन्त्र कर रहे थे, जिसका प्रारुप तैयार किया जा रहा था । आतंकियोंसे मिले भ्रमणभाषमें (मोबाइलमें) बम बनानेकी योजना भी मिली है । सूत्रोंके अनुसार हावड़ा और सियालदह स्टेशन परिसरसे तीन बांग्लादेशी सहित चार आतंकियोंके पाससे आइएससे जुडे लिखितपत्रके साथ ही जिहादी पुस्तकोंकी पीडीएफ धारिका एवं फलकके डिजिटल प्रारूप मिलनेके पश्चात एसटीएफके कान खडे हो गए थे ।
संदिग्ध आतंकियोंको न्यायालयमें प्रस्तुत करनेके पश्चात रिमांडपर लेकर पूछताछ की गई तो कई तथ्य हाथ लगे हैं । जेएमबीके आतंकियोंने भारतमें फर्जी आधार कार्ड बनवाकर मुर्शिदाबादसे ‘सिम’ क्रय किया था ।
पूछताछमें आतंकियोंने जेएमबीके एक बडे नेताके कोलकातामें ही होनेके संकेत दिए हैं ! उक्त नेताके साथ बैठककर पश्चिम बंगालमें नए जेएमबीके कार्यकी रूपरेखा सज्ज की जानी थी ! संगठनके लिए धनको लेकर भी चर्चा होनी थी ।
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेशी आतंकवादी संगठन नियो-जमियतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश इस्लामिक स्टेटसे जुडा हुआ है और शासनने इसपर प्रतिबंध लगाया हुआ है । यह संगठन नियो जेएमबी जमियतुल मुजाहिदीन बांग्लादेशसे पृथक होकर बना है । जमियतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश इस्लामिक स्टेटसे जुडा है । वर्ष २०१६ में इसी संगठनने ढाकामें एक भोजनालयपर आक्रमण किया था ।
“बंगाल, केरल, तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश, कश्मीर आदि वामपन्थी शासित राज्योंमें आतंकियोंका आश्रय पाना सहज ही हो गया है । जब ऐसे दल राष्ट्रके लिए संकट बन जाए तो इन्हें राजनीतिसे बाहर फेंक देना ही उत्तम होगा; क्योंकि यदि इन्हें बाहर नहीं फेंका गया तो ये देश बेचनेमें समय नहीं लगाएंगें यह पक्का है।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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