दिसम्बर २८, २०१८
जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीने शुक्रवार, २८ दिसम्बरको कहा कि ‘सुतली बमके आधारपर’ संदिग्धोंको आतंकवादी घोषित करना और उन्हें ‘आईएसआईएस’से जोडना अपरिपक्वता थी ! ‘एनआईए’द्वारा १० आतंकियोंको बन्दी बनाए जानेके सन्दर्भमें व्यंग्य करते हुए उन्होंने यह बात कही !
राष्ट्रीय जांच विभागने (एनआईए) १६ दिसम्बरको ‘आईएसआईएस’से प्रेरित संदिग्ध आतंकी समूहका प्रकटीकरण करते हुए १० लोगोंको बन्दी बनाया था । विभागका कहना था कि वे देहली और उत्तरी भारतके दूसरे भागोंमें राजनेताओं और सरकारी प्रतिष्ठानोंको लक्ष्य बनाते हुए आत्मघाती आक्रमण और बम विस्फोट करनेका षडयन्त्र कर रहे थे ।
महबूबाने इनको मतदानसे जोडते हुए कहा कि ‘एनआईए’को ‘पूर्वके घटनाक्रमोंसे सीखना चाहिए ।’ जब लम्बी सुनवाईके पश्चात आरोपियोंको छोडना पडा था ।
उन्होंने ट्विटरपर कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है; परन्तु संदिग्धोंको सुतली बमोंके अधारपर आतंकवादी घोषित करना, उन्हें ‘आईएसआईएस’से जोडना अपरिपक्वता है ! इससे उनकी और कुटुम्बका जीवन पहले भी नष्ट हो चुका है । एनआईएको पूर्वकी घटनाओंसे सीखना चाहिए, जिसमें दशकों पश्चात आरोपी छूट गए ।”
“आतंकियोंकी प्रखर समर्थक मुफ्तीसे इसके अतिरिक्त अन्य कुछ बोलनेकी आशा की जा सकती है क्या ? परन्तु दुःख केवल इस बातका है कि ऐसे राष्ट्रद्रोही भारतमें ही खुलेमें घूम रहे हैं, ये भी भला कैसी स्वतन्त्रता है ?, स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आज तक
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