लोकतन्त्र प्रदत्त राजनीतिका प्रभाव, पंजाबमें कांग्रेस नेताके भाईने महिलाको निर्ममतासे पीटा !!


जून १६, २०१९

पंजाबके मुक्तसरमें महिलाको पीटनेके आरोपमें स्थानीय कांग्रेस नेताके भाई सहित ६ अन्य लोगोंको बन्दी बनाया गया है । कांग्रेस नेताका भाई और अन्य लोग जब महिलाको पीट रहे थे, तब कथित रूपसे महिलाके पुत्रने पूरी घटनाका वीडियो बना लिया, जो सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर प्रसारित हो गया था । पुलिसने इस प्रकरणमें कार्यवाही करते हुए ६ आरोपियोंको बन्दी बना लिया है, जबकि ४ लोग अभी भी भागे हुए हैं ।

२३००० रुपयेका ऋण नहीं चुका पानेपर शुक्रवारको की गई महिलाकी पिटाईका वीडियो आनेपर विपक्षी दलोंने राज्यमें वैधानिक व्यवस्थाकी ‘बिगडती’ स्थितिकी आलोचना की थी । वीडियोमें देखा जा सकता है कि ३५ वर्षीय महिलाकी सडकके बीचों बीच पिटाई की जा रही है और उसका पुत्र असहाय स्थितिमें यह देखनेको विवश है । वह रोता-बिलखता हुआ कहता है, “मेरी मांको पीटा जा रहा है ।” महिलाके पुत्रने ही यह वीडियो बनाया, जिसमें एक व्यक्ति महिलाके बाल खींचते हुए दिख रहा है । पिटाईके समय सडकपर गिर गई महिलापर एक आरोपी बैठा हुआ भी दिख रहा है !

पुलिसने बताया कि आरोपियोंमें सम्मिलित एक व्यक्तिकी पत्नी और पीडिताके मध्य पैसेको लेकर विवाद होनेके पश्चात उसकी पिटाई की गई है । पीडिताने पार्षदके भाई सुरेश चौधरीसे २३००० रुपये ऋण लिया था । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजीत सिंह धेसीने बताया कि चौधरी और पांच अन्य आरोपियोंको बन्दी बना लिया गया है । राकेश चौधरी सहित शेष चार अन्य आरोपी भागे हुए हैं । धेसीने बताया कि १० आरोपियोंके विरुद्ध भारतीय दंड संहिताकी विभिन्न धाराओंके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । एसएसपीने बताया कि शनिवारको छह आरोपियोंको स्थानीय न्यायालयमें प्रस्तुत किया गया और उन्हें दो दिनके लिए पुलिस हिरासतमें भेज दिया गया है ।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंहने इसकी निंदा करते हुए कहा कि हिंसाकी ऐसी घटनाओंको सहन नहीं किया जाएगा । सिंहने ट्वीट किया, ‘मुक्तसरकी घटनामें सम्मिलित आरोपियोंको पंजाब पुलिसने बन्दी बना लिया है और आईपीसीकी ‘धारा-३०७’के अन्तर्गत हत्याके प्रयासका प्रकरण प्रविष्ट किया है । कोई भी विधानसे ऊपर नहीं है और हिंसाकी ऐसी घटनाओंको सहन नहीं किया जाएगा ।’

“आप भारतमें नेताके भाई हो या कोई सम्बन्धी हो तो आपको किसीके साथ कुछ भी करनेकी एक प्रकारसे अनुमति मिल जाती है । यह उजागर हो गया तो कार्यवाही की जाएगी, यदि नहीं होता तो क्या न्याय मिलता ? ऐसे कितने ही लोग है जो अपराधियोंसे अधिक नेताओं और उनके सम्बन्धियोंसे पीडित हैं । अब इस स्थितिको राजनीतिका शुद्धिकरण कर ही किया जा सकता है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : न्यूज १८



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