वाराणसीमें वासनान्ध शाहनवाजने ९ वर्षकी दलित बच्चीसे किया दुष्कर्म !!


जून १०, २०१९

वाराणसीके कोतवाली थाना क्षेत्रके अन्तर्गत राजमन्दिर क्षेत्रमें शनिवार, ८ जूनको एक ९ वर्षीय दलित बच्चीके साथ एक युवकने कथित रूपसे दुष्कर्म किया, जिसे बच्चीके परिवार वालोंने रंगे हाथ पकडा ।

युवतीके परिवारके सदस्य पीडित बच्चीको लेकर कोतवाली थाने पहुंचे । समाचारके अनुसार, आरोपीका अभिज्ञान शाहनवाजके रूपमें किया गया । इंस्पेक्टर शरद त्रिपाठीने बताया कि पुलिसने इस प्रकरणको भारतीय दण्ड संहिताकी धारा- ३७६ (दुष्कर्म), ५११ (दंडनीय अपराध), ३२५ (एससी/ एसटी अधिनियम) और ७/८ ,पोक्सो’के अन्तर्गत प्राथमिकी प्रविष्ट की गई है और शाहनवाजको बन्दी बना लिया है । उन्होंने इस बातकी भी जानकारी दी कि पीडित बच्चीको चिकित्सीय परीक्षणके लिए भेज दिया गया है ।

वहीं, ९ वर्षीय बच्चीके पिताने बताया कि उनके क्षेत्रके मूल निवासी शाहनवाजने अपनी पुत्रीको कुछ वस्त्र देनेके लिए बुलाया । जब वो बच्ची शाहनवाजके पास पहुंची तो वह उसे एक कक्षमें ले गया और उसके साथ कथित रूपसे दुष्कर्म किया । जब बच्ची रोने लगी तो उसने उसे अपने कक्षके बाहर धकेल दिया । बादमें, लडकी घर लौट आई और परिवारके सदस्योंको घटनाकी जानकारी दी । इसके पश्चात उसके माता-पिताने शाहनवाजको पकड लिया और उसे पुलिस स्टेशन ले गए ।

“दलित हितैषी और तथाकथित अम्बेडकरवादी इस घटनापर मौन क्यों हैं ? आगे आकर जिहादीको दण्ड दिलवाएं । दलित नेता वास्तवमें जब दलितोंके लिए कुछ करनेकी बारी आती है, तब घरोंमें दुबककर बैठ जाते हैं; परन्तु हिन्दू समाजमें ही विभाजनका विष घोलना हो तो सबसे आगे होते हैं । हिन्दुओ ! वाराणसी हो या पाकिस्तान, हमारी बेटियां जबतक सुरक्षित नहीं है, तबतक हम चैनकी श्वास नहीं ले सकते हैं; क्योंकि जिहादियोंका यह विष बढता ही जा रहा है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : ऑप इण्डिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution