जून १०, २०१९
शैक्षणिक यात्रापर मणिपुर गए बिहारके विधायकोंकी डांस करनेवाली वीडियो सामने आई है । ‘इम्फाल टाइम्स’में प्रकाशित समाचारके अनुसार मणिपुरमें ‘स्टडी टूर’पर गए बिहारके ४ विधायक मौज-मस्ती करते पकडे गए हैं । इनमें जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) एवं भारतीय जनता पार्टीके विधायक सम्मिलित हैं ।
बिहारके विधायक यहां भारत-म्यांमार सीमाके पास स्थित मोरे नगरमें युवतियोंके साथ नृत्य करते दिखे । विधायकोंके इस कृत्यका वीडियो प्रसारित हो गया । यद्यपि, आरोपी विधायकोंने वीडियोको छद्म (फेक) बताते हुए पूरे जांचकी मांग की है ।
स्थानीय समाचारपत्र ‘इंफाल टाइम्स’ने बिहारके इन विधायकोंसे सम्बन्धित प्रत्येक समाचारको प्रकाशितका है । समाचारपत्रमें प्रधखनमन्त्री नरेंद्र मोदीकी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’का सन्दर्भ देते हुए विधायकोंके इस कृत्यपर प्रश्न उठाए गए हैं । वीडियोमें विधायक (या उनके जैसे दिखनेवाले) लडकियोंके साथ अश्लील नृत्य करते हुए दिख रहे हैं और साथमें मद्य भी पीला रहे हैं ।
वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि लडकी विधायकके इस कृत्यका विरोध करते हुए बार-बार उनका हाथ झटक रही है । बिहारके ४ विधायकोंका दल १ जूनको शैक्षणिक यात्रापर मणिपुर पहुंचा था । इसमें सत्ताधारी दलके साथ ही विपक्षी दलके भी विधायक भी सम्मिलित हैं ।
यह यात्रा भारत शासनकी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ कार्यक्रमके अन्तर्गत विकास कार्यक्रमोंका निरीक्षण करनेके लिए था । ‘इंफाल टाइम्स’ यह तो नहीं ज्ञात कर सका कि इन विधायकोंकी इस यात्रापर शासकीय कोषसे कितना पैसा व्यय हुआ है; परन्तु विधायकोंको कैमरेमें पकड लिया ।
समाचार पत्रने लिखा कि यह प्रथम बार नहीं है कि इसप्रकारकी कोई घटना सामने आई है । समाचारपत्रका कहना है कि यहां ऐसी कई घटनाएं होती हैं, जिसमें वीआईपी, वीवीआईपी इस नगरको ‘सेक्स डेस्टिनेशन’ समझ कर आते हैं । यद्यपि, पर्याप्त साक्ष्योंके अभावमें इसप्रकारकी अनैतिक गतिविधियोंपर रोक नहीं लग पाती ।
विधायक यदुवंश यादवने कहा है कि इस वीडियोमें वे नहीं हैं । ये छद्म (फेक) वीडियो है, जिसमें कोई सत्यता नहीं है । उन्होंने कहा कि वे इस वीडियोको लेकर मानहानिका दावा करेंगें । विधायकोंका यह भी कहना है कि ऐसे किसी वीडियोसे उनका कोई सम्बन्ध नहीं है और यह उन्हें कलंकित करनेका (बदनाम करनेका) षडयन्त्र है ।
इस वायरल वीडियोकी पुष्टि नहीं की जा सकती है; परन्तु यह वीडियो सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर सखझा किया जा रहा है ।
“यह है पक्ष और विपक्षके नेताओंकी सत्यता और देश सेवा और उसके पश्चात निर्लज्जता पूर्वक यह कहना कि जांच होनी चाहिए । वर्षोंसे ये नेता बिहारपर राज करते आए हैं तो शिक्षाकी यह दुर्गति होनी ही थी कि इतने प्रतिभाशाली बच्चे होते हुए भी उन्हें इतना संघर्ष करना पडता है । उसके उपरान्त भी जनता इन्हें चुनती है ! केन्द्र शैक्षणिक यात्राके नामपर दिए जानेवाले धनकी समीक्षा करें और आरोपी विधायकोंको राजनीतिक दल निष्कासित करें ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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