सचिवों के एक समुह ने प्रधानमंत्री को स्कूलों में इंग्लिश की पढ़ाई पर जोर दिया


नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद से लगातार हिंदी को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करत रहे हैं। कई मौकों पर उन्होंने जनता के बीच इसका जिक्र किया है। लेकिन, इस बीच उनके सचिवों ने एक मीटिंग में उनके सामने स्कूलों में इंग्लिश की पढ़ाई पर जोर दिया।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, सचिवों के एक समुह ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया गहै कि सभी सेकेंड्री स्कूलों में इंग्लिश की पढ़ाई जरूरी कर दें। साथ ही इस एक अप्रैल से लागू भी कर दी जाए। शैक्षणिक और सामाजिक विकास विभाग के सदस्यों ने सुझाव दिया कि देश के सभी ब्लॉक में कम से कम एक इंग्लिश मीडियम स्कूल सरकार द्वारा चलाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान पर भी जोर देने की वकालत की।

9वीं से 12वीं तक सीबीएसई बोर्ड में भी इंग्लिश पढ़ना जरूरी नहीं है|
सचिवों ने कहा कि साइंस और इंग्लिश क्लास-6 से ऊपर तक के सभी स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए। अभी तक सीबीएसई में मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही 8वीं तक के स्टूडेंट्स को इंग्लिश पढ़ाई जानी जरूरी है। 9वीं से 12वीं तक सीबीएसई बोर्ड में भी इंग्लिश पढ़ना जरूरी नहीं है।बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सचिवों के 10 ग्रुप्स बनाए थे जो कि केंद्र सरकार के काम पर पिछले साल अक्टूबर से ही नजर रख रहे थे। इनमें से कुछ को सरकार को आइडिया देने के लिए भी कहा गया था।

साभार : indianexpress, jan १५,२०१७



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