सीरिया बननेकी ओर भारत, मॉब लिंचिंगके नामपर रांचीमें धर्मान्धोंने किया उपद्रव, राहगीरोंको पीटा, चाकू चलाएं एवं वाहनोंमें की तोडफोड


जुलाई ७, २०१९

रांचीके डोरंडा स्थित उर्स मैदानमें मॉब लिंचिंगके विरुद्ध आयोजित मुस्लिम संगठनोंके जनाक्रोश सभाके पश्चात नगरमें उपद्रव हुआ । उपद्रवके समय चंदन श्रीवास्तवके पेट और सीनेमें चाकू घोंपा गया था और दीपकको पीटा गया ।

ज्ञात हो कि चोरीके आरोपमें पिटाईके पश्चात कारावासमें तरबेज अंसारीकी मृत्युके पश्चात प्रदर्शन हो रहे हैं । शुक्रवार, ५ जुलाईको नगरमें चार घंटेके भीतर दो स्थानोंपर उपद्रव हुआ । प्रथम घटना, राजेंद्र चौकपर हुई, जहां जनाक्रोश सभासे लौट रही भीडने कुछ बस यात्रियोंकी टीका-टिप्पणीके पश्चात उत्पात किया । यहां पत्थबाजी की गई, कई बसों और कारोंके शीशे तोडे गए । मोटरसाइकिल और ई रिक्शाको भी नही छोडा गया ।

रांचीके राजेन्द्र चौक और मेन रोडमें एकरा मस्जिदके पास भिन्न-भिन्न समयमें हुए विवादमें मुसलमानोंकी भीडने उत्पात किया । इस मध्य दशकाधिक वाहनोंमें तोड-फोड की गई, लोगोंके साथ मारपीट भी की गई । दोनों ही स्थानपर पुलिसने कठिनाईसे नियन्त्रण पाया । इस घटनाके पश्चात समूचे नगरमें तनाव फैल गया । वहीं दूसरी ओर, जनाक्रोश सभासे ही निकलकर विमानतलके (एयरपोर्टके) पीछे तीन युवकोंको २०-२५ धर्मान्धोंने पीट दिया ।

समाचारके अनुसार, जनाक्रोश सभाके आयोजकोंपर डोरंडा थानेमें परिवाद प्रविष्ट कराई गई । आयोजकोंमें एजाज गद्दी, मौलाना ओबेदुल्लाह कासमी, शमशेर आलम समेत अन्यके नाम सम्मिलात हैं । इनपर आरोप है कि इन्होंने बिना कारण सभाका आयोजन किया और नगरमें वातावरण बिगाडनेका प्रयास किया; क्योंकि उर्स मैदानमें आयोजकोंको ध्वनिप्रसारक (लाउडस्पीकर) लगानेसे मना कर दिया गया था ।

इसके पश्चात भीडमें सम्मिलित मुसलमानोंने बसमें पथराव आरम्भ कर दिया और लाठी-डंडोंसे बसके शीशे तोड दिए ।

“कट्टरपन्थी भाईचारेका नाटक समाप्त होनेके पश्चात अपना वास्तविक रूप दिखा रहे हैं, खुलेमें चाकू, तलवारोंसे लोगोंको मार रहे हैं और शासकगण सुप्त हैं । इसका अर्थ स्पष्ट है कि कलको यदि इस देशमें सीरिया जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाए तो भी शासन कुछ नहीं करेगा । ऐसेमें स्वरक्षण हेतु हिन्दुओंको एकत्र होना ही होगा ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : ऑप इण्डिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution