हमें कम आंकने की भूल ना करें, जवाब के लिए तैयार रहें: पाक सेना की भारत को चेतावनी


इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना ने बुधवार (28 मार्च) को भारत को सीमा पार किसी भी ‘‘दुस्साहस’’ की स्थिति में जवाब के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी और कहा कि किसी को भी देश के सैन्य बलों की क्षमता को कमतर नहीं आंकना चाहिए. सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अगर भारत किसी भी दुस्साहस का प्रयास करता है तो उसका जवाब दिया जाएगा.’’ वह भारत द्वारा अचानक हमले की स्थिति में तैयारियों के बारे में सवाल का जवाब दे रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भारत की तुलना में हमारी क्षमता को कमतर नहीं आंकना चाहिए. भारत से किसी तरह के हमले की सूरत में हमारी जवाबी क्षमता पूरी तरह से तैयार है.’’ गफूर ने भारत पर नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी में 2018 में 30 पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने क्षेत्र में शांति के लिए सकारात्मक भूमिका निभाई है. अगर भारत अफगानिस्तान या नियंत्रण रेखा के जरिये पाकिस्तान में अस्थिरता बढ़ाता है तो यह भारत के सर्वश्रेष्ठ हित में भी नहीं होगा.’’ एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि भारत के राजनयिकों को 23 मार्च को अन्य देशों के राजनयिकों के साथ पाकिस्तान दिवस परेड के लिए आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘हम दुनिया को दिखाना चाहते थे कि वे जो हमारे राजनयिकों के साथ कर रहे हैं उसके बावजूद हमने उन्हें (भारतीयों) बुलाया… हम उन्हें अपनी क्षमता और संकल्प भी दिखाना चाहते थे.’’

पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने के अनुरोध वाला महबूबा का प्रस्ताव नहीं मिला : सरकार
वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है जिसमें राज्य में शांति बहाली की खातिर पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरु करने का अनुरोध किया गया हो. गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने बीते 28 मार्च को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि सरकार का पाकिस्तान के साथ पड़ोसी देश की तरह मित्रवत रिश्ता कायम रखने की मंशा स्पष्ट और जगजाहिर है. इसके लिये भारत सभी द्विपक्षीय मुद्दों को शिमला समझौता और लाहौर घोषणा के तहत शांतिपूर्वक समाधान निकालने के लिये प्रतिबद्ध है.

अकाली दल के सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने पूछा था कि क्या महबूबा ने जम्मू कश्मीर में शांति बहाली के लिये केन्द्र सरकार से पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरु करने का अनुरोध किया था. इसके जवाब में अहीर ने कहा, ‘‘राज्य सरकार की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की सार्थक बातचीत तभी हो सकती है जब कि आतंक और हिंसा का माहौल दूर हो और इस तरह का माहौल पैदा करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है.



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