जून ७, २०१९
ईदके दिवस बुधवार, ५ जूनको जम्मू-कश्मीरके कुलगामकी जामिया मस्जिदमें ‘लश्कर-ए- तैय्यबा’के दो आतंकियोंने न केवल ईदकी नमाजमें घुसपैठ की, वरन उसके पश्चात वहां उपस्थित लोगोंको सम्बोधित किया और लश्करके समर्थनमें उद्घोष किए । इस घटनाके समय किसीने भी उन्हें रोकनेका प्रयास नहीं किया ।
‘लश्कर-ए-तैय्यबा’के भयानक आतंकवादी कश्मीर घाटीमें अपनी कुकर्म कर रहे हैं । अब लश्कर आतंकियोंने अपनी कुकर्मोंको जारी रखनेके लिए लोगोंसे समर्थनकी ‘भीख’ मांगनेका नूतन ढंग खोजा है । जब पूरे हिन्दुस्तानमें मुस्लिम समुदायके लोग ईद-उल-फितरकी नमाज कर रहे थे और प्रसन्नता मना रहे थे, तब लश्करके आतंकी लोगोंको भारतके विरुद्ध भडकाने और आतंकियोंको धन उपलब्ध करानेमें लगे थे ।
सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर (सोशल मीडियापर) एक वीडियो साझा किया जा रहा है, जिसमें जम्मू-कश्मीरके कुलगामके तारिगाममें मस्जिदमें ईदकी नमाजके समय लश्करके आतंकियोंको मस्जिदमें घुसकर भारतके विरुद्ध विष उगलते और लोगोंको भ्रमित करते देखा जा सकता है । आतंकियोंके हाथमें बन्दूक भी थीं । इस मध्य आतंकियोंमें सेनाका भय भी दिख रहा था, इसलिए वो अपने प्राण बचाने और आतंककी दुकान चलानेके लिए लोगोंसे समर्थन मांग रहे थे । इतना ही नहीं, ये आतंकी अपने संगठन लश्करके लिए धन भी मांग रहे थे ।
इस घटनाका वीडियो प्रसारित हो रहा है । वीडियोमें स्पष्ट दिख रहा है कि लश्करके दोनों आतंकी एक और व्यक्तिके साथ खडे हैं । तीसरा व्यक्ति सम्भवतः मस्जिदका इमाम हो सकता है । ये दोनों आतंकी नारेबाजी कर रहे हैं और चीख-चीखकर लोगोंसे वीडियो नहीं बनानेको कह रहा है, कैमरा बंद करनेकी चेतावनी भी दे रहे हैं । इस मध्य हवामें शस्त्र लहराते हुए नारेबाजी भी कर रहे हैं । लश्करके आतंकी कह रहे हैं, “आप क्या चाहते हैं ?” तो भीड कहती है, “आजादी” !! दूसरे और तीसरे नारेमें आतंकी पूछता है, “पाकिस्तानसे सम्बन्ध क्या ?” तो भीडसे आवाज आ रही है, “भाई-भाई इलल्लाह” !! इसके पश्चखत आतंकी कहता है, “तैयबा-तैयबा” तो भीड कहती है, “लश्कर-ए तैय्यबा ” !!
https://twitter.com/sardanarohit/status/1136562637838307330
इस वीडियोको साझा करते हुए पत्रकार रोहित सरदानाने लिखा है, “कुलगामकी जामिया मस्जिदमें ईदके दिन लश्करका अधिकारी बंदूक लहरा-लहराकर तकरीर करता रहा, किसी मौलाना, किसी इमामने रोकनेका प्रयास नहीं किया ?”
मस्जिदमें आतंकी कह रहे थे, “अब हम दुर्बल हो रहे हैं और आप लोगोंके समर्थनकी आवश्यकता है ।” इस मध्य आतंकियोंने ईदकी नमाज करने आए लोगोंसे धन देनेको कहा । समाचारोंके अनुसार, ईदकी नमाजके समय लश्करके आतंकियोंने लोगोंसे अत्यधिक धन एकत्र किया ।
“मौलाना और मस्जिद इसे क्यों आतंकियोंको रोकनेका प्रयास करेंगें ? वे तो स्वयं यही चाहते हैं कि कश्मीर भारतसे पृथक हो जाए । उसी योजनाके अन्तर्गत तो मौलानाओं, मस्जिदोंको भारतमें स्थापित किया गया है; परन्तु हम लोग ही नेत्र मूंदें हैं, जो सत्यको देख नहीं पाते हैं और जाने-अनजानेमें आतंकियोंका समर्थन करते रहते हैं । ये मस्जिदमें लोग कौन थे, जिन्होंनें आतंकियोंको धन दिया ? ये कश्मीरके ही लोग थे न ? एक ओर हम तुष्टिकरणमें व्यस्त हैं तो दूसरी ओर वे हमारे सर्वनाशके लिए सज्ज हैं !!”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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