उत्तर प्रदेशमें दहेज न मिलनेपर दिया ‘तलाक’, ‘हलाला’ करानेके पश्चात भी पतिने कर लिया दूसरा विवाह, पीडिताने किया आत्मदाह
खैराबाद थानाक्षेत्रके उपनगर(कस्बा) स्थित किसानी टोला निवासी हसमत अलीने बीते वर्ष अपनी पुत्री नगमाका ‘निकाह’ किया था । आरोप है कि लखीमपुर खीरी जनपदके महानगरवासी गुफरानने विवाहके कुछ समय पश्चातसे ही दहेजको लेकर नगमाको यातनाएं देनी आरम्भ कर दीं । दोनों परिवारोंमें कई बार सन्धि (समझौता) हुई; परन्तु युवतीका उत्पीडन बन्द नहीं हुआ । विगत माह गुफरानने दहेज न मिलनेपर नगमाको ‘तलाक’ दे दिया । नगमाके मायकेवालोंने गुफरानपर दबाव बनाया तो उसने एक बार पुनः ‘समझौता’ कर लिया । जिसके पश्चात गुफरानने अपने मित्रके साथ नगमाका ‘हलाला’ कराया । इसी मध्य उसने किसी और लडकीसे विवाह कर लिया । पीडित पिताका कहना है कि ‘हलाला’का दंश झेलकर टूट चुकी उनकी व्यथित बेटीको जब पता चला कि गुफरानने दूसरा ‘निकाह’ कर लिया है, तो उसने रविवार सवेरे आठ बजे मिटटीका तेल डालकर आत्मदाह कर लिया । ९० प्रतिशतसे अधिक जली महिलाको जनपद चिकित्सलेमें (अस्पतालमें) प्रविष्ट कराया गया । जहां उसने संध्या सवा छह बजे प्राण त्याग दिए ।
यह है इस्लाममें स्त्रियोंकी स्थिति ! स्त्रियोंकी भावनाओंका, उनके शीलका इस पन्थमें कोई मोल नहीं है ! क्या ऐसे पन्थोंके वासनान्धोंको किसी भी देशका विधान सुधार सकता है ! – तनुजा ठाकुर (४.६.२०१८)
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