जून ४, २०१९
उत्तर प्रदेशके बागपतमें एक बार पुनः गोहत्याके आरोपका प्रकरण सामने आया है । पुलिसने इस प्रकरणमें शाहरुख, इनाम, और कल्लू नामके ३ आरोपियोंको बन्दी बनाया है । इन तीनोंको सोमवार, ३ जूनको बागपत जनपदके सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत पुराण कस्बा क्षेत्रसे बन्दी किया गया । क्षेत्रमें गोहत्याके शक और पशुओंके अवशेष मिलनेके समाचारसे तनाव प्रसारित हो गया है ।
सूचनाके अनुसार, पुलिसको पुराना कस्बा क्षेत्रके ३ घरोंमें पशुओंंके अवशेष रखनेके समाचार मिले थे, जिसके पश्चात पुलिस वहां पहुंची । यहां इन तीनों घरोंमें ताला लगा हुआ था । जब पुलिस इन घरोंके ताले तोडकर भीतर गई तो वहांसे ४० पशुओंकी त्वचा, अस्थियां और अवशेष मिले !! ये तीनों घर इनाम, शाहरुख और कल्लूके थे । तीनोंके घरोंसे पशुओंके अवशेष मिलनेके कारण इनको बन्दी बना लिया गया है । तीनों आरोपियोंका कहना है कि वो लोग पशुओंके ये अवशेष मेरठके पशुवधगृहसे (बूचडखानोंसे) लेकर आए हैं और अधिक मूल्यपर विक्रय करनेके लिए संरक्षित करके रखा था ।
पुलिसने इन आरोपियोंपर गोहत्या और पशुओंके साथ क्रूरतासे सम्बन्धित धाराओंमें अभियोग प्रविष्ट किया है । सर्किल अधिकारी ओमपाल सिंहने बताया कि इन आरोपियोंने पशुओंकी त्वचाको सुरक्षित रखनेके लिए रसायनका प्रयोग किया था । इसके साथ ही उनका कहना है कि मिले अवशेषोंमेंसे अधिकतर भैंसोंकी हैं ।
इस बारेमें जब ओमपाल सिंहने वहांके स्थानीय लोगोंसे बात की, तो उन्होंने बताया कि गत शासनमें यहांपर पशुओंकी कटाईका काम अवैध रुपसे जारी था; परन्तु भाजपा आनेके पश्चात अवैधानिक पशुवधगृहपर प्रतिबन्ध लगा दिया गया, जिसके पश्चातसे ये काम रुक गया । वहीं, भारतीय जनता युवा मोर्चा और विश्व हिंदू परिषदके कार्यकर्ताओंका आरोप था कि पशुओंकी अवैध रूपसे कटाई पुलिसकी मिलीभगतसे हो रही है ।
“हिन्दुत्वनिष्ठ दलोंका शासन होते हुए भी गोमाताकी इतनी दुःखद स्थिति बताती है कि धर्मरक्षा करना अब लोकतन्त्रके वशकी बात नहीं । इसके लिए हिन्दुओंको ही एकत्र होना होगा और गायोंका उत्तर दायित्व लेना होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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