दिसम्बर २०, २०१८
जम्मू-कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री और ‘नैशनल कॉन्फ्रेंस’के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्लाने जम्मू-कश्मीरकी स्वायत्ताका राग पुनः छेड दिया है । उन्होंने कहा है कि यदि इस बारके विधानसभा मतदानमें ‘नैशनल कॉन्फ्रेंस’को बहुमत मिला तो वह ३० दिवसके भीतर एक प्रस्ताव पारित करेंगे, जिसके अन्तर्गत राज्यको स्वायत्तता दी जा सकेगी ।
फारूक अब्दुल्लाने राज्यमें राज्यपाल शासनको निरंकुश बताते हुए शीघ्र विधानसभा मतदानकी भी मांग की है । आपको यह भी बता दें कि जम्मू-कश्मीरमें राज्यपाल शासनके छह माह पश्चात राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है । सम्भावना है कि राज्यमें विधानसभा मतदान या तो लोकसभाके साथ या ठीक उसके पश्चात कराए जा सकते हैं ।
गत विधानसभा मतदानमें हारकर राज्यकी सत्तासे बाहर हुई नैशनल कॉन्फ्रेंसके नेताने कहा, “यदि अल्लाहने चाहा और हमें बहुमत मिला तो ३० दिवसके भीतर हम क्षेत्रीय स्वायत्ताका प्रस्ताव पास करेंगे ।’ उल्लेखनीय है कि बुधवारको ही पीडीपीको उस समय झटका लगा जब उनके शासनमें मन्त्री रहे बशरत बुखारी और पीम मोहम्मद हुसैनने नैशनल कॉन्फ्रेंसका हाथ पकड लिया ।
इन दोनों नेताओंके अतिरिक्त आरएस पुरा सीटसे भाजपा विधायक रहे गगन भगत भी ‘नैशनल कॉन्फ्रेंस’से जुड गए ।
“फारुख अब्दुल्ला यदि भूल गए है तो पुनः स्मरण करवाना चाहेंगें कि कश्मीर भारतका ही अंग है, न किसीको यहां स्वायत्तता दी गई थी और न ही दी जाएगी ! पूर्वमें ही हम धर्मनिरपेक्ष रहकर बडी चूकें कर चूके हैं अब एक और चूक इस राष्ट्रका विभाजन ही कर देगी । केन्द्र शासनसे अपेक्षा है कि अब्दुल्लाके इस वक्तव्यपर उचित कार्यवाही करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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