५ अप्रैल, २०२०
भारतमें कोरोना संक्रमणके बडे स्रोत बने राजधानी देहली स्थित निजामुद्दीन क्षेत्रमें तबलीगी जमातके मुख्यालयके ‘अच्छे दिन’ आखिरकार अब समाप्त होने जा रहे हैं। दक्षिण देहलीके निजामुद्दीनमें तबलीगी जमातके मरकजका निर्माण नियमोंका उल्लंघनकर करनेका समाचार उजागर हुआ है । नगर निगमके ‘डिप्टी चेयरमैन’ राजपाल सिंहके अनुसार यह सात तलका (मंजिलका) भवन है, जबकि इसके भवनका दो तलका ही निर्माण अधिकृत है तथा इनके पास भवनके स्वामित्वके कागद (कागज) भी उपलब्ध नहीं हैं ! घनी जनसंख्यामें बने इस भवनमें आगसे सुरक्षाकी भी कोई सुविधा नहीं है और न ही कभी अग्निशमन विभागसे ‘एनओसी’ ली गई है ।उल्लेखनीय है कि इस भवनके अवैध निर्माणकी स्थानीय लोगोंने अनेक बार परिवाद (शिकायत) की थी; परन्तु नगर निगम तथा पुलिस प्रशासनने कोई कार्यवाही नहीं की । अब इस भवनके अवैध निर्माणको तोडनेकी कार्यवाही आरम्भ हो चुकी है ।
इससे स्पष्ट होता है कि जिहादी प्रशासनके नियमोंकी अवहेलना करते रहे और भाजपा शासित एमसीडी व देहली शासनने इसपर कोई कार्यवाही नहीं की ! वास्तवमें जिहादियोंको पोषित करके देशमें असन्तुलनके उत्तरदायी केवल और केवल आजके राजनीतिक दल हैं; परन्तु कमसे कम शासन तो जागे और शीघ्रातिशीघ्र इसे और ऐसे अनेक अवैध निर्माणको गिराए ! – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑपइंडिया
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