जनवरी १५, २०१९
जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमत्री महबूबा मुफ्तीने मंगलवार, १५ जनवरीको स्थानीय आतंकियोंको ‘भूमिपुत्र’ बताते हुए उनका बचाव करनेका प्रयास किया । उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीरमें बंदूक संस्कृति समाप्त करनेके लिए केन्द्रको आतंकवादी नेतृत्वसे वार्ता करनी चाहिए ।
पार्टीके एक कार्यक्रमके पश्चात अनंतनागमें उन्होंने संवाददाताओंसे कहा कि इस समय पाकिस्तान और पृथकतावादियोंके साथ वार्ता होनी चाहिए । इसीप्रकार आतंकवादियोंके नेतृत्वसे भी वार्ता की जानी चाहिए; क्योंकि उनके पास बंदूक है और केवल वहीं बंदूककी संस्कृतिको समाप्त कर सकते हैं ।” यद्यपि, पूर्व मुख्यमन्त्रीने कहा कि यह बहुत शीघ्रता होगी ।
पीडीपी नेताने कहा कि स्थानीय आतंकवादियोंको हिंसाकी राहपर चलनेसे रोका जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि मैं १९९६ में राजनीतिमें आई । तबसे मैं कह रही हूं कि स्थानीय आतंकी ‘भूमिपुत्र’ हैं और हमारा प्रयास उन्हें बचानेका होना चाहिए; क्योंकि वे सभी हमारी सम्पत्ति है । महबूबाने साथ ही कहा कि दो लोगोंके आमने-सामने आनेपर मुठभेड होती है और ऐसेमें कोई कुछ भी नहीं कर सकता है । महबूबाने जेएनयूमें देश विरोधी नारेके प्रकरणमें आरोप पत्र प्रविष्टके समयपर भी प्रश्न किया ।
भाजपाने महबूबा मुफ्तीकी आतंकियोंके लिए इस वक्तव्यकी कडी निंदा की है । पार्टीके उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्नाने कहा कि महबूबाकी तुलनामें भाजपा कश्मीरियोंसे अधिक प्रेम करती है । पार्टी कश्मीर और कश्मीरियतका सम्मान करती है । खन्नाने साथ ही सेना दिवसके अवसरपर कश्मीरी नेताओंद्वारा एक भी ट्वीट नहीं किए जानेपर प्रश्न किया और कहा कि यह अन्तर उनके और हमारे मध्य है । उन्होंने कहा, आतंकी केवल आतंकी होता है और उससे वैसे ही निपटना चाहिए ।
“महबूबाजीको बताना चाहेंगें कि भारतभूमि एक महान तपोभूमि है, इस भूमिने आतंकी नहीं जन्में हैं, यहां तो वीर प्रताप सदृश भूमिपुत्र हुए हैं, जिन्होंनें सदैव दूसरोंके लिए जीवन व्यतीत किया और एक ओर ये आतंकी है, जो अन्योंका अधिकार छीन उसे अपना बतानेके प्रयासमें लगे हैं, तो ये भूमिपुत्र कैसे हुए ? मान सकते हैं कि महबूबाजीकी राजनीतिक विवशताएं हो सकती है; परन्तु अपनी राजनीति चमकाने हेतु कोई इतना गिर सकता है, यह अविश्वसनीय है और उससे बडी विडम्बना है कि यह राष्ट्र ऐसे लोगोंको रहनेकी अनुमति दे रहा है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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