मुम्बईकी नेहाका रहीम शेखने किया अपहरण, उत्तर प्रदेशमें लडकीका हुआ अभिज्ञान (पहचान)
२३ नवंबर, २०२०
मुम्बईकी २३ वर्षीय नेहा कुछ दिवसोंसे घरसे अनुपस्थित (लापता) है । पुलिसके अनुसार, लडकी पूर्णतः सुरक्षित है । यह पूछे जानेपर कि नेहासे बात क्यों नहीं हो सकती ?, तो पुलिसके पास कोई उत्तर नहीं था । वे उस मुसलमान अपहरणकर्ताके विषयमें भी अभीतक कुछ ज्ञात नहीं कर पाए हैं । नेहाके परिवारका कहना है कि वह अपना ‘लैपटॉप’ तथा अन्य आवश्यक सामान लेकर कार्यालयके लिए निकली थी; किन्तु लौटकर नहीं आई । अपहरणका प्रकरण प्रविष्ट कराने गए परिजनको, पुलिसने घर लौटा दिया था । अगले दिवस पुनः जानेपर पुलिसने केवल कथित ढंगसे परिवाद प्रविष्ट किया । नेहाके परिवारसे सम्बन्धित चेतन शेट्टीके अनुसार पुलिसमें प्राथमिकी प्रविष्ट हुई ही नहीं । शेट्टीका कहना है कि पुलिसने यदि अपहरणकर्तासे बात की है तो नेहासे वार्तालाप क्यों नहीं करवाई जा रही ? चेतनके अनुसार, रहीम शेखकी पृष्टभूमि अपराधग्रस्त है, जो कि पुलिस अच्छी प्रकारसे जानती है । विभिन्न अपराधोंके प्रसङ्ग उसपर चलते रहते हैं । नेहाके परिजन कहते हैं कि पास-पास रहनेके कारण, वो दोनों एक दूसरेको जानते थे; किन्तु रहीम सदा उन्हें धमकियां देता रहता था और दुर्व्यवहार भी करता था । परिजनने पुलिसपर दोष लगाया है कि वे पता लगानेमें असफल रहे हैं और उसे लौटा लानेका प्रयास भी नहीं किया है । नेहाके चलभाषका (मोबाईलका) ‘IMEI’ क्रमाङ्क भी पुलिसको समयपर दिया जा चुका था; किन्तु उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की ।
नूतन सूचनाके अनुसार, कुछ समय पूर्व ही नेहाको उत्तर प्रदेशमें ढूंढ निकाला गया है । परिजनने उसे स्वेच्छासे घर परिवारमें लौट आनेकी अनुमति दी है ।
– कितने अचम्भेकी बात है कि किसी मुसलमानकी लडकीसे कोई घटना हो जानेपर पुलिस उनकी चापलूसी करते हुए हाथ खडे कर देती है, वहीं पुलिस किसी हिन्दू लडकीके अपहरण हो जानेपर परिजनको, बिना प्रकरण प्रविष्ट किए फुसलाकर घर लौटा देती है । ऐसे रक्षक, रक्षक न होकर भक्षक होते हैं, जो उस पदके योग्य नहीं हैं । आगामी धर्मनिष्ठ राष्ट्रमें ऐसे सभी लोगोंको कोई भी पद नहीं दिया जाएगा । – संपादक, वैदिक उपासना पीठ
स्त्रोत: ओपइंडिया
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