रिंकू शर्माके भाई और मांके द्वारा बताई गई जिहादियोंद्वारा निर्मम हत्याकी कहानी 


१४ फरवरी, २०२१
      देहलीके मंगोलपुरीमें १० फरवरी २०२१की रात्रि बजरंग दलके कार्यकर्ता रिंकू शर्मापर घरमें घुसकर आक्रमण किया गया । अगले दिन चिकित्सालयमें उनकी मृत्यु हो गई । इस प्रकरणमें रिंकू शर्माके परिवारने विस्तृत जानकारी बताई, जिसमें कई चौंकानेवाली बातें सामने आई हैं । रिंकूके भाई मन्नूने बताया कि पडोसमें रहनेवाले नसरूदीन, जाहिद, ताजुद्दीनके परिवारने अपने मित्रों इस्लाम, मेहताब और अन्यके साथ मिलकर रिंकू शर्माकी हत्या कर दी ।
     रिंकू शर्माके भाई मन्नूके अनुसार, राम मन्दिर शिलान्यासके पश्चातसे ही पडोसमें रहनेवाले नसरूदीनके परिवारसे उनके भाईकी कहासुनी हुआ करती थी । इसको लेकर दोनों परिवारोंके मध्य काफी समयसे मतभेद था । पहले भी कई बार ‘जय श्रीराम’का उद्घोष करने, हनुमान चालीसाका पाठ कराने, गलीमें दीप जलानेको लेकर जिहादी परिवारने अपशब्द कहे और मारपीट की थी ।
     मन्नू शर्माने बताया कि जिहादी पांचों भाइयोंके साथ उनकी पत्नी और परिवारके अन्य सदस्य भी थे । उनकी संख्या लगभग ३०-४० थी ।
     इस मध्य दूसरे आरोपित ताजुद्दीनने रिंकू शर्माकी मांका गला दबानेका प्रयास किया था । मन्नूने बताया कि ताजुद्दीनने मांकी गर्दन कसकर पकड ली थी । भैयाके मित्रोंने मध्यस्थताकर उन्हें बचाया । ताजुद्दीन और जाहिदने रिंकू शर्माके उपचारके लिए गए उनके मित्रोंके साथ भी हाथापाई की ।
     रिंकूकी मांने बताया कि उनके पूरे परिवारको जीवित जलानेके प्रयासमें थे । उन्होंने कहा कि रसोईमें लगा नूतन ‘गैस सिलैण्डर’ निकाल लिया था और उसमें आग लगानेका प्रयास किया था, जिससे पूरे घरको जलाया जा सके और आगमें झुलसकर पूरे परिवारकी मृत्यू हो जाए । रिंकूकी मांने अपने बेटोंके साथ मिलकर किसी प्रकार हत्यारोंसे सिलैण्डर छीन लिया । रिंकूके भाई मन्नूने भी यही बात बताई कि हत्यारोंने उनके घरपर पूरे परिवारको मार डालनेकी मंशा और षड्यन्त्रके साथ ही धावा बोला था । उनका प्रयास ही था कि उनके अपराधका कोई साक्ष्य न बचे ।
       यह जिहादी प्रवत्तिके व्यक्ति जहां भी रहते हैं, हिन्दू युवक और युवतियोंका ऐसे ही हत्या आदिका षड्यन्त्र रचते हैं । यह तो सर्वविदित है कि इनलोगों में हिन्दू समाजके प्रति द्वेष और घृणाकी भावना भरी रहती हैं; अतः हिन्दू समाजको सङ्गठित होकर इनका दृढतासे सामना करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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