१५ वर्ष छोटी हिन्दूसे विवाहकर परवीन बनाया, अब ‘लव जिहाद’ विरोधी कानूनको ‘तमाशा’ बता रहे नसीरुद्दीन शाह


२६ जनवरी, २०२१
      पिछले दिनों वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाहने उत्तर प्रदेशमें ‘धर्मान्तरण’ और ‘लव जिहाद’के विरुद्ध आए विधानके विरुद्ध विष उगला और ‘मीडिया’ने भी प्रचारित किया । उन्होंने इस विधानको ‘तमाशा’ बताया । उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेशमें ‘लव जिहाद’को लेकर ‘तमाशा’ चल रहा है, उससे वे आक्रोशित हैं । उन्होंने इसे समाजको विभाजित करनेवाला बताते हुए कहा कि लोगोंको ‘जिहाद’का उचित अर्थ ही नहीं ज्ञात है ।
      नसीरुद्दीन शाहने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस देशमें कभी भी मुसलमानोंकी जनसङ्ख्या हिन्दुओंसे अधिक हो जाएगी । कोई ‘बेहूदा’ ही इसपर विश्वास करेगा । मुसलमानोंको अपनी जनसङ्ख्या हिन्दुओंसे अधिक करनेके लिए अविश्वसनीय गतिसे बच्चे ‘पैदा’ करने होंगे । मुझे नहीं लगता कि कोई भी इसपर विश्वास करेगा । उत्तर प्रदेशमें लव जिहादका ‘तमाशा’ चलाया जा रहा है, जिससे हिन्दू-मुस्लिमके सम्बन्ध ‘खराब’ हो जाएं ।”
      नसीरुद्दीन शाहका कहना है कि हिन्दू और मुसलमान लडके-लडकियां ‘आपस’में विवाहकी सोच भी न पाएं, इसलिए ये सब किया जा रहा है । उन्होंने रत्ना पाठक शाहके साथ अपने विवाहको उदाहरणके रूपमें प्रस्तुत किया, गोहत्याको लेकर राय दी और उत्तर प्रदेशके नवीन विधानपर लोगोंमें भय उत्पन्न करने और प्रताडित करनेके आरोप लगाए । उन्होंने ये बातें हर्ष मंदरके ‘कारवां-ए-मोहबब्त’ ‘यूट्यूब पेज’पर कही ।
      उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेशमें निर्दोषोंको पकडकर मारा जा रहा है और प्रताडित किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि विवाहके शुभ अवसरपर पुलिस आ जाती है और कालान्तरमें ज्ञात होता है कि ‘दूल्हा-दुल्हन’ दोनों मुसलमान ही थे । उन्होंने पुलिसपर क्षमातक न मांगनेका आरोप मढते हुए कहा कि ये विश्व अब वो नहीं रहा, जिसका उन्होंने सपना देखा था ।
     ‘स्वराज्य मैग’में पत्रकार स्वाति गोयल शर्माने नसीरुद्दीन शाहके इस वक्तव्यका उत्तर दिया है । स्वाति स्वयं ‘लव जिहाद‘के कई प्रकरणकी ‘ग्राउंड रिपोर्टिंग’का अनुभव रखती हैं । उनका मानना है कि नसीरुद्दीन शाहको नूतन विधानके बारेमें कुछ जानकारी ही नहीं है । दिसम्बर, २८ तक इस प्रकरणमें १८ प्रकरण प्रविष्ट किए जा चुके थे । नूतन विधानके अन्तर्गत प्रविष्ट पूर्व १४ प्रकरणोमेंसे ९ में पीडिताने मजिस्ट्रेटके सम्मुख आरोपोंका समर्थन किया था ।
     नसीरुद्दीन शाहकी पहली पत्नी मनारा सीकरी भी एक हिन्दू ही थी, जिन्होंने विवाहके पश्चात धर्मान्तरणकेद्वारा इस्लाम स्वीकार लिया था । इसके पश्चात उन्होंने अपना नाम परवीन मुराद रख लिया था । वो अपने पतिसे १५ वर्ष छोटी हैं । नसीरुद्दीन शाह खुदको ‘नॉन-मजहबी व्यक्ति’ बताते हैं;  परन्तु पुत्रीका नाम हीबा रखा है । उनके और रत्ना पाठक शाहके पुत्रोंका नाम इमाद और विवान है और वो धर्मान्तरणको लेकर ज्ञान दे रहे हैं ।
        यह है इन कथित अभिनेताओंका सत्य, जो आजतक हिन्दुओंके नामपर ही खाते रहे । वास्तवमें जिहादी कोई भी हो, उसकी वृत्ति यही रहती है, ये तो केवल धर्मनिरपेक्षता हिन्दू हैं, जो प्रत्येक बार मूर्ख बन जाते हैं और ऐसे लोगोंपर अपनी गाढी कमाई लूटा आते हैं । हिन्दुओ, अब तो नेत्र खोलो ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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