अफगानिस्तानसे १६ ‘कोरोना’ सङ्क्रमित भी आए, सम्पर्कमें आए थे केन्द्रीय मन्त्री हरदीप पुरी भी, अक्टूबरमें ‘तीसरी लहर’की है आशङ्का


२५ अगस्त, २०२१
      अफगानिस्तानमें ‘तालिबानी’ शासनके पश्चात भारत शासन वहांसे लोगोंको निरन्तर ‘एयरलिफ्ट’ कर रही है । इसी क्रममें २४ अगस्त २०२१, मंगलवारको काबुलसे ७८ लोग भारत लाए गए थे । इनमेंसे १६ लोग ‘कोरोना’ सङ्क्रमित पाए गए हैं ।
      सङ्क्रमितोंमें वे तीन ग्रन्थी भी हैं, जो गुरु ग्रन्थ साहिबको अपने मस्तकपर रखकर लाए थे । इनके सम्पर्कमें विमानतलपर (एयरपोर्टपर) केन्द्रीय मन्त्री हरदीप सिंह पुरी भी आए थे । विवरणके अनुसार ‘कोरोना’ सङ्क्रमित पाए गए सभी लोग बिना लक्षणोंवाले रोगी हैं । सबको सङ्गरोध (क्वारंटाइन) कर दिया गया है ।
      युद्धसे नष्ट-भ्रष्ट अफगानिस्तानसे भारत अपने नागरिकोंको निकालनेके लिए प्रत्येक दिवस विशेष उडानें संचालित कर रहा है । स्वास्थ्य मन्त्रालयद्वारा २३ अगस्तको प्रेषित एक दिशा-निर्देशके अनुसार अफगानिस्तानसे भारत आनेवाले सभी लोगोंको अनिवार्य रूपसे नजफगढ स्थित छावला शिविरमें १४ दिवसोंतक सङ्गरोधमें रहना होगा । बता दें कि अफगानिस्तानमें फंसे लोगोंको निकालनेके लिए भारत ‘ऑपरेशन देवी शक्ति’ चला रहा है । काबुलसे अबतक ८०० लोगोंको निकाला जा चुका है ।
      विचारणीय है कि गत दिवसोंमें केन्द्र शासनने देशमें ‘कोरोना’की ‘तीसरी लहर’के आनेको लेकर एक विवरणके माध्यमसे चेतावनी भी प्रकाशित की थी । विवरणके अनुसार सितम्बरसे अक्टूबरके मध्य किसी भी समय देशमें ‘कोरोना’की ‘तीसरी लहर’ आ सकती है । इसके अतिरिक्त, वैज्ञानिकोंने महामारीकी गणितीय आकलनके (फॉर्मूला मॉडल) आधारपर कहा है कि नवम्बरमें ‘कोरोना’की ‘तीसरी लहर’ अपने शिखरपर (पीकपर) होगी ।
     भारतने सदैव आपात स्थितिमें फसे अपने लोगोंको सुरक्षित करने हेतु सराहनीय पग उठाता रहा है; किन्तु अब भारतको अपने भूतकालसे सीख लेकर, समय रहते कोरोनाकी ‘तीसरी लहर’को रोकने हेतु, कठोर निर्णय लेने चाहिए । इसमें सामान्य जनमानसका सहयोग अपेक्षित रहेगा ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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