‘रेडमेसिविर’को चोरीसे विक्रय करनेवाले डॉ.अल्तमश सहित तीन अन्यको भी ३६ लाख रुपयों सहित बनाया गया बन्दी
२८ अप्रैल, २०२१
गाजियाबादकी पुलिसने डॉ. अल्तमशको तीन साथियों सहित बन्दी बना लिया है । डॉ. अल्तमश ‘एम्स’से औषधियोंको अपने नामपर निकलवाकर, अन्य क्षेत्रोंमें अधिक मूल्यपर विक्रय करवाता था । उसने एक दिवसमें ३६ लाख रुपए अर्जित किए । ‘एम्स’में पूर्वमें सेवाएं देनेवाले अल्तमशने केन्द्रीय मन्त्रियोंसे अपने सम्बन्ध बताए और पकडे जानेपर उसने पुलिसपर धौंस जमानेका प्रयास किया । एक रोगीके अनुसार, उसने ४८ सहस्र रुपएमें एक ‘इंजेक्शन’ क्रय किया और इसीके आधारपर पुलिसने जांच आरम्भ कर दी । पुलिसद्वारा विवश होनेपर उसने अपने अन्य भेद भी उगल दिए । एक दिवसमें चिकित्सकने अनुचित ढंगसे ३६ लाख रुपए अर्जित किए । पुलिसने उसकी धौंसको अनसुना कर दिया; अन्ततः अल्तमशने स्वयं ही सभी भेद बता दिए । उसने अपने ही वाहनसे ७० ‘इंजेक्शन’ भी दिलवा दिए । इन्हीं औषधियोंको उसके साथियोंद्वारा भिन्न-भिन्न क्षेत्रोंमें ऊंचे मूल्यपर विक्रय किया जाता रहा है । इसके अतिरिक्त उसने अपने समूहके साथियोंमें ५० लाख रुपए वितरित दिए ।
अवैध रूपसे आवश्यक औषधियोंको विक्रय करनेवाला चिकित्सक कभी भी देशप्रेमी नहीं हो सकता । विवश रोगियोंको और भी अधिक विवश करनेवाले चिकित्सकोंको सेवाओंसे आजीवन मुक्त कर दिया जाना उचित दण्ड होगा । इसके लिए केन्द्र शासनको त्वरित संज्ञान लेना चाहिए । हिन्दूराष्ट्रमें ऐसे चिकित्सकोंका कोई अस्तित्व नहीं रहेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply