कश्मीरमें लश्करके मुख्य ‘कमांडर’ सहित तीन आतङ्कियोंका सुरक्षाबलोंने किया अन्त
२० जून, २०२१
जम्मू-कश्मीरके सोपोरमें सुरक्षाबलोंको बडी सफलता प्राप्त हुई है । २० जून रात्रिमें हुए एक सङ्घर्षमें सुरक्षाबलोंने ३ आतङ्कियोंको मार गिराया है । समाचारके अनुसार, सुरक्षाबलोंको गुप्त रूपसे सूचना प्राप्त हुई थी कि सोपोरके गुंड ब्राथ क्षेत्रमें आतङ्की किसी उच्च स्तरके षड्यन्त्र हेतु योजना बना रहे थे । सूचना मिलनेके पश्चात ‘सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस व राष्ट्रीय राइफल्सके संयुक्त दलने क्षेत्रकी घेराबन्दीकर ‘सर्च ऑपरेशन’ आरम्भ कर दिया । इसी मध्य क्षेत्रमें छुपे ‘लश्कर-ए-तैयबा’के आतङ्कियोंसे सङ्घर्ष आरम्भ हो गया । सुरक्षाबलोंने आतङ्कियोंको आत्मसमर्पण करने हेतु कहा; परन्तु आतङ्कियोंने सुरक्षाबलोंपर गोली चलाना आरम्भ कर दिया । वहीं सैनिकोंने ‘तैयबा’के ‘कमांडर’ मुदासिर पंडित सहित तीन आतङ्कियोंको मार दिया, जिसमें एक आतङ्की पाकिस्तानका भी था । मारे गए आतङ्की मुदासिर पंडितपर १० लाख रुपएका पुरस्कार था । वह १२ जूनको ‘सीआरपीएफ’ व कश्मीर पुलिसके संयुक्त दलपर हुए आक्रमणका मुख्य आरोपी था । इस आतङ्की प्रहारमें २ पुलिसकर्मियों सहित एक क्षेत्रीय नागरिककी मृत्यु हो गई थी ।
भारतीय सैनिकोंका शौर्य चिरकालसे प्रशंसनीय है । वहीं जम्मू कश्मीरमें ‘धारा-३७०’ समाप्त होनेके पश्चात भी आतङ्की गतिविधियोंपर पूर्णतः रोक नहीं लग पाई है । इससे यह भी बोध होता है कि यदि इस समस्याका स्थाई समाधान चाहिए तो भारतद्वारा आतङ्की राष्ट्र पाकिस्तानको नष्ट करना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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