केरलके निधर्मी मुख्यमन्त्रीने न्यायालयमें कहा, सबरीमालामें ५१ महिलाओंने किए दर्शन !


जनवरी १८, २०१९


सबरीमाला मंदिरमें महिलाओंके प्रवेशको लेकर उच्चतम न्यायालयने आदेश जारी किया था । पिनराई विजयनने मंदिरमें महिलाओंको प्रवेश दिलानेके सभी प्रयत्न किए, जिसके चलते उसे विरोधका भी सामना करना पडा । अब केरल शासनने स्वीकार किया है कि अबतक सबरीमालामें ५१ महिलाओंने प्रवेश किया है !

केरल शासनके अनुसार, १६ नवंबर २०१८ के पश्चातसे अबतक सबरीमाला मंदिरमें कुल ४४ लाख दर्शनार्थियोंने दर्शन किए । राज्य शासनका दावा है कि इन दर्शनार्थियोंमें ५१ महिलाएं सम्मिलित थीं । बता दें कि एक ओर पिनराई विजयन मंदिरमें महिलाओंके प्रवेशके लिए प्रयास करते रहे, वहीं सभी दक्षिणपंथी संगठनोंद्वारा महिलाओंके प्रवेशका विरोध भी किया गया ।


दक्षिणपंथी संगठनोंके इस विरोध प्रदर्श के विरुद्घ राज्य शासनद्वारा ‘महिला दीवार’ बनाई गई ।

“क्या न्यायालय और निधर्मी मुख्यमन्त्री मिलकर कोई एजेंडा चला रहे हैं ? अन्यथा ऐसा कैसे हो सकता है कि न्यायकी कुर्सीपर बैठे लोगोंंको एक राज्यमें हो रहेउपद्रव व लोगोंपर अत्याचार नहीं दिख रहे ? कैसे सभी निधर्मी हिन्दू बहुल राष्ट्रमें हिन्दुओंका उपहास कर रहे हैं कि हम मिशनरियोंको न रोक पाए, हम आतंकियोंको न रोक पाए, परन्तु हम छल-बलसे हिन्दुओंकी परम्पराको तोडनेमें सफल रहे ! इस प्रकरणसे धर्माभिमानी हिन्दुओंको बोध लेना चाहिए और केवल हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए ही सिद्ध होना चाहिए; क्योंकि जब धर्मपर आन पडती है, तब न कोई तथाकथित हिन्दुवादी दल कार्यरत होते हैं और न ही धर्मगद्दीपर बैठे धर्मधुरन्धर ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



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