ध्वनिविस्तारक यन्त्र सम्बन्धी नियमोंका पालन न करनेपर ५२ गणेश मण्डलोंपर कार्यवाही !


सितम्बर २४, २०१८

पुणेमें गणेश विसर्जनके समय जुलूस, डीजे वॉल, ध्वनिविस्तारक यन्त्रोंकी धूम गत कई वर्षो से देखी जाती रही है; लेकिन इस बार कुछ भिन्न ही देखनेको मिला । पुलिसने डीजे वॉल्स और ध्वनिविस्तारक यन्त्रोंको लेकर उच्च न्यायालयके निर्देशोंके उल्लंघनके आरोपमें ५२ गणेश मण्डलोंके विरुद्ध कार्यवाही की !

गणेश मण्डलोंसे जुडे कुछ लोगोंने बताया कि उनकी ट्रॉलियोंपर प्रत्येक वर्ष ‘डीजे वॉल’को पूरी ध्वनिपर बजानेकी परम्परा रही है, लेकिन इस वर्ष उनका प्रयोग नहीं हो सका । उन्होंने इसके पीछे पुलिस-प्रशासनकी कडाईको उत्तरदायी बताया ।


गणेश मण्डलोंके संचालकोंने पुलिस और प्रशासनके विरुद्ध विरोध दिखाते हुए कहा कि केवल हिन्दुओंके त्योहारोंके समय ही क्यों सभी प्रतिबन्ध लगाए जाते हैं । उन्होंने बल देकर कहा कि इस प्रकारके नियम बनाए जाते हैं तो इन्हें मानना सभीके लिए अनिवार्य होना चाहिए । गणेश मण्डलके एक सदस्यने कहा कि क्यों जनसभाओंके समय नेताओंको ऐसा करनेसे नहीं रोका जाता । राजनीतिक दलोंको भी जनसभाओंके समय मंचोंपर ‘डीजे वॉल’ लगानेकी अनुमति नहीं मिलनी चाहिए ! मण्डलोंके कुछ सदस्योंने चेतावनी देकर कहा कि अब वो देखेंगे कि कैसे राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियानोंके समय प्रसारयन्त्रोंका प्रयोग कर पाते हैं !
एक गणेश मण्डलके वरिष्ठ सदस्यने कहा कि विधान सबके लिए एकसमान होना चाहिए, इसलिए मस्जिदोंमें अजानके लिए लगाए गए ध्वनिविस्तारक भी हटाए जाने चाहिए ! कुछ ने तो यहां तक कहा कि सत्तारूढ दलको २०१९ मतदानमें इसका परिणाम भुगतना पडेगा !

“क्या यह देश हिन्दुओंका ही है ?, अब शंका होने लगी है, क्योंकि यहां प्रत्येक प्रतिबन्ध केवल हिन्दुओंके लिए है ? वहीं ध्वनिविस्तारक मस्जिदोंमें अथवा नेता अपना झूठा भाषण देने हेतु प्रयोग कर सकते हैं, परन्तु गणेश मण्डल नहीं  !!” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution