भोपालसे ६ सन्दिग्ध आतङ्की बन्दी, भारी मात्रामें राजसात (जब्त) किए विस्फोटक
१४ मार्च, २०२२
मध्य प्रदेशकी राजधानी भोपालसे बडा समाचार सामने आया है । गुप्तचर संस्थाओंने ऐशबाग ‘थाना’ क्षेत्रसे ६ सन्दिग्ध आतङ्कियोंको अभिरक्षामें लिया है, इसके साथ ही भारी मात्रामें विस्फोटक सामग्री भी प्राप्त हुई है । आतङ्की ऐशबाग ‘थाना’ क्षेत्रमें स्थित फातिमा ‘मस्जिद’के निकट भाडेका भवन लेकर रह रहे थे ।
गुप्तचर संस्थाओंने अभियान चलाकर ऐशबाग ‘थाना’ क्षेत्रकी अहमद अली ‘कॉलोनी’, गली क्रमाङ्क चारसे सन्दिग्ध आङ्तकियोंको बन्दी बनाया है । उस भवनसे धार्मिक साहित्य, १२ से अधिक सङ्गणक भी अधिकारमें लिए हैं । गुप्तचर संस्थाओंने इस अभियानके अतिरिक्त करोद क्षेत्रमें भी ‘छापा’ मारा है । वहां से स्थानीय मापाङ्कके (मॉड्यूलके) एक सन्दिग्ध आतङ्कीकी बन्दी होनेकी सूचना है । बताया जा रहा है कि आतङ्कियोंने छुपनेके लिए यहां स्थान बनाया था ।
प्रत्यक्षदर्शीने बताया कि, रात्रि ३ बजे ५० से ६० ‘पुलिसकर्मी’ आए और द्वारका ‘ताला’ तोड दिया । बन्दीके पश्चात उस कक्षको समुचित रूपसे बन्दकर दिया गया है । वहां किसीको भी जानेकी अनुमति नहीं है । पडोसीका कहना है कि लगभग तीन माहसे यह लोग यहां भाडेपर रह रहे थे ।
विदित हो कि गुप्तचर संस्थाओंने आतङ्कियोंको पकडनेके अभियानको समुचित रूपसे गोपनीय रखा । स्थानीय ‘थाने’को भी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई । भवनमें सभी ‘किराएदार’ परिवार रहते हैं, नीचेवाले भवनका ‘किराएदार’ भी भूमिगत हैं । उस नगरमें भयका वातावरण है । कोई कुछ बतानेको तत्पर नहीं है । लोगोंका केवल इतना कहना है कि यह भवन ७० वर्षकी नायाब जहांका है । अभी बन्दी आतङ्कियोंसे पूछताछ की जा रही है ।
धर्मान्ध जिहादी और शान्ति दोनों विपरीत शब्द हैं । यह लोग जहां भी रहे, देश हो या विदेश, इनका व्यवहार और कार्य सदैव सन्दिग्ध ही होते हैं; अतः जनमानसमें जागरूकता ही सबसे बडी सुरक्षा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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