धर्मान्ध व वासनान्ध ८० वर्षीय मोहम्मद जमालुद्दीनने ६ वर्षकी बालिकासे किया दुष्कर्म !!


दिसम्बर ९, २०१८

८० वर्षीय जमालुद्दीनने उस बालिकासे पानी मांगा तो वह पवित्र भावसे उसे पानी देने चली गई, परन्तु इसके पश्चात वापस नहीं आई ! जमालुद्दीनने पानी मांगनेके बहाने बच्चीको बुलाया तथा उसके साथ क्रूरतम ढंगसे दुष्कृत्य करके उसके बचपनको अपनी हवसके पैरो तले रौंद डाला !

यहां प्रश्न उठता होता है कि अन्ततः वह कौन सी सोच है ?, जो नारी वर्गको अपनी वासनाकी भूख मिटानेका साधन समझती है तथा उसकी पूर्तिके लिए सारी सीमाएं पार कर देती हैं ? क्या जमालुद्दीन जैसे लोग मानव कहलाने लायक हैं ?, जिसने ६ वर्षकी बच्चीके साथ दुष्कर्म किया तथा उसके बचपनको कुचल दिया ?

प्रकरण हरियाणाके मेवातके अट्टा कोठरा गांवका है । पुलिसने बताया कि बच्ची गांवमें अन्य बच्चोंके साथ घरके बाहर खेल रही थी । इस मध्य एक व्यक्तिने उसे एक गिलास पानी लानेके लिए कहा । चूंकि बच्ची आरोपीके घरके पास ही रहती थी, इसलिए उसे जानती थी ।
पडोसियोंके अनुसार आरोपी प्रायः बच्चोंमें टोफियां और मिठाईयां वितरित करता रहता था । पुलिसने जानकारी दी कि घटनाके दिन बच्चीके माता-पिता फरीदाबादमें सम्बन्धियोंके यहां गए थे । इस मध्य आरोपी भी अपने घरमें अकेला था । बच्ची बूढे व्यक्तिकी सहायताके चलते उसे पानी देने जा पहुंची, परन्तु वापस नहीं लौटी ! परिजन शामके छह बजे घर वापस आए तो बच्ची घरमें नहीं थी । उन्होंने पडोसमें बच्चीको खोजना आरम्भ किया । पडोसमें बच्चीने मांकी आवाज सुनी तो रोते हुए उसने सहायताके लिए पुकारा तो मां बच्चीकी रोती हुई आवाज सुनकर आरोपीके घर जा पहुंची । बलपूर्वक द्वार खोला और कथित रूपसे अपराधीको पकड लिया । पीडिताके पिताने बताया कि पत्नी और मैं बुधवार परिजनोंके गए थे । बच्ची घरमें अकेली थी । आरोपीने उसे घरसे बुलाया और अपने घर ले गया । उसके साथ दुष्कर्म किया ! पुलिस अधिकारी संजय कुमारने बताया कि आरोपीके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिताकी धारा ४५२, ५०६ और पोक्सो अधिनियमके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके पश्चात उसे १५ दिवसकी न्यायिक हिरासतमें भेज दिया गया ।

 

“यह धर्मान्धोंकी वास्तविकता ही है, क्योंकि जब किसीके प्रेरणास्रोत जिनका वे अनुसरण करते हैं, वे ही ऐसे कृत्य करते हो, जहां मृत्युके पश्चात भी वासनाका लोभ दिया जाता हो और महिलाओंको भोगकी वस्तु मात्र समझा जाता हो, वहां ऐसे दुष्कृत्य स्वभाविक ही होंगें ! अब ऐसेमें सभी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष हिन्दुओंसे प्रश्न है कि धर्मनिरपेक्ष बना जाए तो कैसे ? ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : डीबीएन न्यूज



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