महाराष्ट्रमें आइएससे सम्पर्क रखने वाले ९ धर्मान्ध बन्दी बनाए गए, सभी उच्च शिक्षीत, नरसंहारकी थी योजना !!


जनवरी २४, २०१९

महाराष्ट्रमें ‘इस्लामिक स्टेट्स’के (आईएसआईएस) समर्थक नौ लोगोंको बन्दी बनानेके प्रकरणमें कई बडे तथ्य उजागर हुए हैं । इन लोगोंको नियन्त्रणमें लेनेवाले महाराष्ट्रके आतंक रोधी दलके (एटीएसके) अनुसार इन सभीने ‘उम्मत-ए-मुहम्मदिया’ नामक संगठन बनाया था । ये भिन्न-भिन्न समारोहोंमें खाद्य और पेय पदार्थोंमें विष मिलाकर बडा नरसंहार करना चाहते थे !


उल्लेखनीय है कि एटीएसने यह भी दावा किया है कि बन्दी बनाए गए लोगोंमेंसे एक भारतके अति वाञ्छित (मोस्ट वॉन्टेड) दाऊद इब्राहिमके निकटवर्ती राशिद मालबारीका पुत्र है । एटीएसका कहना है कि ये सभी ‘आईएसआईएस’के सम्पर्कमें थे । इन लोगोंमें लगभग सभी उच्च शिक्षित हैं ! प्राप्त सूचनाके अनुसार इनमें तीन अभियन्ता (इंजीनियर) और एक ‘फार्मासिस्ट’ है, वहीं एक अभी ११वींका छात्र है !

एटीएसके अनुसार इन संदिग्ध आतंकियोंके पाससे कई प्रकारके रसायनोंकी बोतलें अधिकृत की गई हैं । इसके अतिरिक्त इनके पाससे छह ‘पेनड्राइव’, २४ से अधिक भ्रमणभाष यन्त्र, छह संगणक (कम्प्यूटर), छह ‘वाई-फाई पॉड्स’, दो दर्जनसे अधिक ‘डीवीडी’, ‘सीडी’ और १२ ‘हार्ड ड्राइव’ अधिकृत की गई है ।

इन सभी नौ लोगोंको महाराष्ट्रसे ही बन्दी बनाया गया है । इनमेंसे पांचको ठाणेके मुम्ब्रासे, जबकि चारको औरंगाबादसे बन्दी बनाया गया है । सभीको मंगलवारको बन्दी बनाया गया था, जिन्हें बुधवार, २३ जनवरीको न्यायालयमें प्रस्तुत किया गया ।

आरोपियोंका अभिज्ञान मोहसिन सिराजुद्दीन खान, तकी सिराजुद्दीन खान, मुसाहिद उल इस्लाम, मोहम्मद सरफराज, सलमान सिराजुद्दीन खान, जम्मन और फहाद अंसारीके रूपमें हुआ है ।

 

“सभी आतंकी उच्च शिक्षीत थे, अर्थात हमारा यह मानना कि शिक्षा देनेसे धर्मान्धकी विचार धारा परिवर्तित होकर वह जिहादकी राह छोड देगा, यह केवल एक भ्रम है । जब उच्च शिक्षीत सामूहिक नरसंहार जैसे कुकृत्योंकी योजना बना सकता है, तो इसका अनुमान लगाया जा सकता है कि उनके भीतर बालपनसे ही हिन्दूओंके प्रति कितना विष भरा गया है ! और विष कौन भरता है, यह बतानेकी आवश्यकता नहीं है । अब बारी है तो केवल हिन्दुओंके जागृत होकर सम्भ्रमको त्यागने की कि धर्मनिरपेक्षता अपने आपमें एक निरर्थक शब्द है; निस्सन्देह हिन्दू क्योंकि सबको अपना सकते हैं; परन्तु अन्य जिनको अपनाया गया, वे आपको ही घरसे निकालना चाहते हैं, तो कैसे चलेगा ? स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : न्यूज १८



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution