श्रीनगरके शीतलनाथ मन्दिरके द्वार ३१ वर्षों बाद खुले: आतङ्कियोंने जलाकर नष्ट किया था, विशेष पूजा तथा दर्शन प्रारम्भ
१८ फरवरी, २०२१
श्रीनगरके शीतलनाथ मन्दिर, जिसके पट ३१ वर्षोंसे बन्द मन्दिर पडे थे; उसे १६ फरवरीको वसन्त पंचमीके शुभमुहर्तपर दर्शनके लिए खोला गया । यह मन्दिर श्रीनगरके हब्बा कदल क्षेत्रमें स्थित है । स्थानीयजनकी इस मन्दिरको पुनः खोलनेमें बडी भूमिका है । स्थानीय रहवासी मुसलमानोंने भी इस कार्यमें सहायता की है । शीतलनाथ मन्दिरमें आयोजित पूजनके एक आयोजक रविन्द्र राजदानने बताया कि स्थानीयजनने स्वच्छतामें सहायता की है; जिससे पूर्वके समान पूजन किया जा सके । प्रत्येक वर्ष वसन्त पंचमीको बाबा शीतलनाथ भैरोंकी जयन्तीपर यहां पूजन किया जाता था । यहां मेला भी लगता था । आतङ्कियोंने १९९१में इसे जलाकर नष्ट कर दिया था ।
उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटीमें आतङ्कियोंके आक्रमण और उत्पातसे पूर्व यहां अनेक कश्मीरी पण्डित परिवार निवास करते थे । अब वे पुनः घाटीमें बसनेके इच्छुक हैं, जिसके लिए वे शासनसे सहायताकी अपेक्षा करते हैं ।
कश्मीर घाटीमें ५०० से अधिक मन्दिर भंग किए गए हैं । केन्द्र शासनको सभी देवालयोंका पुनर्निर्माण कर वह वैभव पुनः प्राप्त करवाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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