ममताद्वारा ‘टिकट’ नहीं मिलनेपर अराबुल इस्लामने ‘टीएमसी’के कार्यालयको लगा दी आग
०८ मार्च, २०२१
बंगालकी मुख्यमन्त्री ममताने अपने एक पूर्व विधायकको विधानसभा चुनावके लिए नामांकन नहीं किया है । पूर्व विधायक अराबुलने चुनाव-सूचीमें नाम नहीं होनेपर ‘टीएमसी’के कार्यालयमें तोडफोड की और आग लगा दी । उसके समर्थकोंने भी मार्गोंपर उपद्रव किया । उसने रोते हुए बताया कि कई अन्य नेताओंको भी सूचीमें नहीं लिया गया । विधायक रफीकुर रहमानके सदस्योंने भी अराबुलके समर्थनमें मार्गोंपर ‘हंगामा’ किया ।
अराबुलपर आरोप था कि उसने अपने प्रतिद्वन्द्वी रहमानको मरवानेके लिए धन दिया था । इसी कारणसे उसे बन्दी बनाया गया था । बन्दी बनाए जानेके कुछ दिवस पश्चात उसके निवाससे ‘क्रूड बम’ प्राप्त हुए थे । करोडों रुपयोंके घोटालोंमें भी उसका नाम है और वह अपने क्षेत्रमें ‘माफिया’ जाना जाता है ।
एक वामपन्थी नेतापर आक्रमणके आरोपमें भी उसे बन्दी बनाया जा चुका है । दलके दो कार्यकर्ताओंकी मृत्युके पश्चात उसे निष्कासित कर दिया गया था । हिन्दू विरोधी बंगाली अभिनेत्री सायानी घोषको भी ममताने सूचीमें स्थान दिया है, जिसने भगवानके शिवलिंगपर कंडोम डालते हुए महिलाका चित्र, ट्वीट किया था ।
जिहादी मानसिकताके नेता, दलद्वारा पुनः नहीं चुने जानेपर अपने ही कार्यालयोंको जला देते हैं, तब वे अन्योंके साथ कैसा व्यवहार करेंगे ? इसका अनुमान यही लगाया जा सकता है कि वे देशद्रोही ही हैं । सत्तामें आनेपर वे हिन्दुओं तथा अन्य धर्मियोंके साथ कैसा व्यवहार करेंगे ? ऐसे दूषित मानसिकतावालोंको सत्तामें नहीं आने देना ही देशके लिए कल्याणकारी है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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