ममताके मन्त्री सिद्दीकुल्लाहके जिहादी बोल, १०००-१२०० वर्षोंसे बंगालमें हो रही गोहत्या कोई नहीं रोक सकता
०८ मार्च, २०२१
‘टीवी ९ भारतवर्ष’के अनुसार तृणमूल कांग्रेसके विधायक सिद्दीकुल्ला चौधरीने शनिवार, ६ मार्चको हिन्दू भावनाओंका उपहास उडाते हुए गोहत्याके मुद्देपर धमकी देते हुए कहा कि बंगालमें गोहत्याको कोई नहीं रोक सकता ।
आगामी राज्य विधान सभा चुनावोंसे पूर्व उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने यहां आकर कहा था कि यदि भाजपा सत्तामें आती है, तो वह राज्यमें गोहत्याको समाप्त कर देगी ।” उन्होंने आरोप लगाया, “पूर्व १०००-१२०० वर्षोंसे बंगालमें प्रत्येक जन गोमांस खाता है, जिसमें मुसलमान और अन्य भी सम्मिलित हैं ।”
यह पूछे जानेपर कि क्या वो गोहत्याका समर्थन करते हैं ? चौधरीने कहा कि ‘५ सितारा रेस्टॉरेंट’ और विदेशी पर्यटकोंके बीच भारतमें गोमांस खाना साधारण है । उन्होंने कहा, “यदि गोमांसपर प्रतिबन्ध लगाया जाता है तो बंगालियोंको १००% क्रोध आएगा । यदि हम इसे नहीं खाते हैं, तो हम इसे कहां रखेंगे ? तब हमें बलपूर्वक ‘खाना खिलाना’ होगा ।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगालमें अधिकतर मांस निर्यातक हिन्दू मारवाडी हैं, मुसलमान नहीं ।
सिद्दीकुल्लाह वही व्यक्ति है, जिसने सितम्बर, २०१८ में कहा था कि कुरान संविधानपर ‘हावी’ रहेगा । वह ‘जमीयत उलेमा-ए-हिंद’के अध्यक्ष भी है । ‘ट्रिपल तलाक’पर प्रतिबन्ध लगानेवाले अध्यादेशके प्रति अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था, “हमारे लिए हमारा पवित्र ‘कुरान शरीफ’ सर्वोच्च है और यदि कोई संवैधानिक प्रावधान या कोई विधान कुरानका खण्डन करता है, तो हमारा ‘कुरान’ प्रबल होगा, विधान या संविधान नहीं । अध्यादेशका मुसलमानोंपर कोई प्रभाव नहीं पडेगा । कोई भी इसका पालन नहीं करेगा; परन्तु पन्थ और पवित्र पुस्तकका पालन करेगा ।”
यह विडम्बना ही है कि हिन्दू बहुल भारतमें एक म्लेच्छ इस प्रकारका वक्तव्य सार्वजनिक रूपसे दे रहा है ! यदि आज सारे हिन्दू संगठित होते तो क्या इसका ऐसा वक्तव्य देनेका दुस्साहस होता ? कदापि नहीं ! हिन्दुओंको अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए हिन्दू संगठनको प्राथमिकता देनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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