वसीम रिजवीने ‘वीडियो’ प्रसारितकर धमकानेवाले मौलानाओंको दी चेतावनी
१८ मार्च, २०२१
‘शिया वक्फ बोर्ड’के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवीद्वारा सर्वोच्च न्यायालयमें कुरानकी २६ आयतोंको हटानेके सम्बन्धमें याचिका प्रविष्ट करनेके पश्चात मुस्लिम समुदायमें उद्दण्डता इतनी अधिक बढ गई है कि सार्वजनिक रूपसे उनके शीश काटनेपर पुरस्कार देनेकी घोषणा की गई है ।
इस मध्य वसीम रिजवीने मंगलवारको एक ‘वीडियो’ प्रसारितकर कहा, “मैंने अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताके अनुसार अपनी बात उच्चतम न्यायालयमें रखी है, जिसमें मौलाना कल्बे जव्वाद भी एक पक्षकार हैं । वो चाहें तो अपनी बात उच्च्तम न्यायालयमें रख सकते हैं; किन्तु सडकोंपर वातावरण बिगाडना यह अनुत्तरदायी कृत्य है । इस ‘वीडियो’में रिजवीने अपने विरुद्ध हो रहे विरोध प्रदर्शनोंको लेकर मौलानाओंपर शाब्दिक आक्रमण किया और कहा कि हाथ हमारे पास भी हैं और ‘गिरेबान’ तुम्हारे पास, किन्तु हम नहीं चाहते कि वातावरण बिगडे ।
वसीम रिजवीका यह वक्तव्य उन लोगोंके मुंहपर एक ‘थप्पड’ है जो अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताकी दुहाई प्रायः देते रहते हैं । किसी एक सामान्य वक्तव्यपर, वक्तव्य देनेवालेके प्राण लेनेकी धमकी देना, इससे बढकर असहिष्णुता और क्या होगी ? वसीम रिजवीको न्याय मिले और सुरक्षा मिले यह दायित्व केवल शासनका ही नहीं; अपितु हिन्दुओंका भी होना चाहिए; क्योंकि उन्होंने सत्य कहनेका साहस किया । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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