गॉड’को भगवानसे भी अधिक महान बतानेवाली ‘नन’ने पूरे हिन्दू परिवारको ईसाई बनानेके लिए धमकाया
२० मार्च, २०२१
मध्य प्रदेशके उच्च न्यायालयने एक ‘नन’को अग्रिम प्रत्याभूति (जमानत) दी है । छतरपुर जनपदके खुजराहोके ‘सेक्रेड कान्वेंट स्कूल’की नन, वहांकी प्राध्यापिका है । पाठशालाकी पूर्व सहायक हिन्दू महिलाने उसपर आरोप लगाया है कि धर्म परिवर्तनके लिए नन उसपर दबाव डाल रही है ।
हिन्दू महिलाके अनुसार उसका पति मानसिक रूपसे विक्षिप्त है । ‘नन’ने कहा है कि ईसाई बन जाओ तो तुम्हारे पतिको ठीक कर दिया जाएगा । कई प्रकारके प्रलोभनोंके पश्चात भी हिन्दू महिला नहीं मानी तो उसे बिगडे हुए प्रदर्शनका बहाना बनाकर कार्यसे निकाल दिया गया ।
प्राथमिकीमें हिन्दू महिलाने बताया कि उसे बताया गया कि ईसाई धर्मका ‘गॉड’ हिन्दुओंके भगवानसे महान होता है । ‘नन’के अभिवक्ताने महिलाके आरोपोंको बनावटी बताया ।
महिलाद्वारा धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियमके अन्तर्गत परिवाद प्रविष्ट करवाया गया था । दण्डसे बचनेके लिए ‘नन’ने अग्रिम प्रतिभूतिकी मांग की, जिसे न्यायालयने स्वीकार करते हुए ‘नन’द्वारा दस सहस्र रुपयोंके निजी ‘बॉन्ड’ और इतनी ही राशिकी प्रतिभूति देनेवाले किसी व्यक्तिको प्रस्तुत करनेका नियम रखा । इसके साथ ही पुलिसद्वारा पूछताछके लिए उसे उद्यत रहनेके लिए निर्देश दिया ।
देशमें हिन्दुओंको धर्म परिवर्तन करनेके लिए ईसाई भी जिहादियोंसे कम नहीं हैं । नाना प्रकारके प्रलोभन देना, धमकाना, चाकरीसे निकाल देना अथवा भूमि अधिग्रहण कर लेना, उनके शस्त्र हैं । उनका भारतमें रहना भी एक बहुत बडा सङ्कट है । इस सबका अन्त करनेके लिए हिन्दूराष्ट्र अपरिहार्य हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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