झारखंडके १८१ आदिवासियोंने पुनः धारण किया हिन्दू धर्म, बहकावेमें पूर्वज बने थे ईसाई


२० मार्च, २०२१
    झारखंडके गढवा जनपदमें ईसाई बने १८१ आदिवासियोंने पुनः हिन्दू धर्म ग्रहण किया और प्रसन्नता व्यक्तकी । उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजोंने लोभ और बहकावेमें आकर ईसाई बनना स्वीकार किया था । गढवा जनपदके गोरैया बखार गांवमें १८ परिवारोंके १०४ सदस्य, करचाली गांवमें ७ परिवारोंके ४२ सदस्य तथा महंगई गांवमें ८ परिवारोंके ३५ सदस्योंने पुनः हिन्दू धर्म अपनाया ।  उनके लिए पूरे हिन्दू विधिसे कार्यक्रमका आयोजन किया गया । ईसाईसे हिन्दू धर्ममें लौटनेपर उनके पांव पखारे गए और स्वागत किया गया । उन्हें चन्दनका टीका लगाया गया, प्रकृतिका पूजन किया गया, विधिवत पूजा-अर्चनाके साथ महिलाओंने परम्परागत गीत गाए । लौटनेवाली महिलाओंको सिन्दूर लगाकर स्वागत किया गया । वनवासी कल्याण आश्रमके अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, संयोजक, प्रान्त संयोजक मन्त्री, सरना समितिके अध्यक्ष, धर्म जागरण प्रमुख सहित कई अन्य सदस्य भी वहां उपस्थित पाए गए । हिन्दू धर्ममें लौटनेवालोंने अपने मनकी बात कही और लौटनेमें अपनी प्रसन्नता जताई । उन्होंने यह भी बताया कि उनके पूर्वजोंको किस प्रकार ईसाई बनाया गया था ?
      देशमें ईसाई धर्म फैलानेवाले, विदेशोंसे प्राप्त अवैध धनका प्रयोगकर हिन्दुओंको प्रलोभन देते हैं और ईसाई बनानेकी चेष्टा करते हैं; किन्तु सत्यता सामने आनेपर जो भी ईसाई बने हिन्दू पुनः अपने धर्ममें लौटनेकी इच्छा दर्शाते हैं, जिनका अच्छी प्रकारसे स्वागत किया जाना चाहिए । इसी प्रकार ईसाई बने अन्य लोगोंको भी पूर्ण सुरक्षा देकर, पुनः अपने सनातन धर्ममें लौट आनेकी प्रेरणा देनी चाहिए और ईसाई धर्मका बहिष्कार करना चाहिए । यह कार्य करनेवाले संगठनोंका भी अभिनन्दन किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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