एक और साधुकी, गला काटकर कर दी गई हत्या
३० मार्च, २०२१
उत्तर प्रदेशके बुलंदशहरमें एक और साधुको मार डाला गया । यह हत्या होलीके पावन पर्वपर की गई । साधुका शव शिकारपुरके ढकवाले मंदिरके पास ही एक खेतमें पाया गया, जहांपर उसका गला किसी तीव्र ‘धारवाले’ शस्त्रसे काटकर मार डाला गया था । घटनाकी सूचना प्राप्त होते ही पुलिसको सचेत कर दिया गया ।
यह ५० वर्षीय साधु अशोक कुमार केवल एक सप्ताह पूर्व ही सलेमपुरके कैलावन गांवसे बुलंदशहरके मन्दिरमें आया था; किन्तु सातवें दिवस होलीके पर्वपर ही उसकी हत्या कर दी गई । ‘एसएसपी’ सन्तोष कुमारने आश्वस्त किया कि हत्याके सभी कारणोंकी जांच की जाएगी । शवको निरीक्षणालयमें भेज दिया गया है ।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही कांग्रेस शासित छत्तीसगढमें एक नागा साधुको पुलिसने निर्ममतासे पीटा और उससे १.२५ लाख रुपए नकद तथा दूरभाष और बर्तन भी छीनकर उसे पुलिस थाने बाहर फेंक दिया गया था ।
जिस प्रकार देशमें साधुओंकी क्रूरतासे हत्याएं की जा रही हैं, अति लज्जाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति है । वास्तविक अपराधियोंको पकडनेमें पुलिस असफल रही है । शासनद्वारा मन्दिरों तथा साधुओंकी सुरक्षा हेतु उचित पग उठाने चाहिए जिससे दोषियोंकी शीघ्रतासे ‘पहचान’ हो सके । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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