‘तालिबानद्वारा बामियान बौद्ध स्मारकको नष्ट करना बाबरी विध्वंससे प्रेरित’, आरफा खानमने की जिहादियोंकी रक्षा
०५ जून, २०२१
‘द वायर’की प्रचार पत्रकार आरफा खानम शेरवानीने ५ जून शनिवारको ‘ट्वीट’कर कहा कि तालिबानने ‘हिन्दुत्वके उपद्रवियों’से प्रेरित होकर बामियान बुद्धकी विशाल प्रतिमाको विस्फोटकसे उडा दिया था । शेरवानीने ‘ट्वीट’में लिखा कि बाबरी मस्जिदके (ढांचेके) विध्वंसने ही अफगानिस्तानमें बौद्ध स्मारकके तालिबानद्वारा विनाशको प्रेरित किया था ।
इस जिहादन पत्रकार आरफा खानमने जो कहा है,वह पूर्णतः झूठ है; क्योंकि मन्दिर एवं मूर्तियां तो मुसलमान अपने पन्थके प्रादुर्भावके समयसे ही तोड रहे हैं । जिस रामजन्मभूमि स्थलके मन्दिरको तोडकर, एक अतिक्रमित ढांचा बनाया था, उसे तोडकर हिन्दुओंने अपना अधिकार ही प्राप्त किया है, दूसरेके अधिकारमें हस्तक्षेप नहीं किया है । जबकि बामियानमें बौद्धोंने किसी मुसलमानी क्षेत्रमें अतिक्रमण नहीं किया था और मुसलमान मूर्ति नष्ट करनेको ही अपना धर्म मानते हैं; इसलिए तालिबानने बामियानमें मूर्तियां ध्वस्त कीं । इसका अयोध्यासे कोई सम्बन्ध नहीं है । हिन्दू उस धर्मान्ध पत्रकारको इसका उत्तर दें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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