वृद्धकी पिटाईपर ‘ऑल्ट-न्यूज’ व ओवैसीने फैलाया झूठ, बताया कि बलपूर्वक बुलवाया गया ‘जय श्रीराम’
१५ जून, २०२१
सामाजिक जालस्थलपर एक दृश्यपट प्रसारित हुआ, जिसके आधारपर ओवैसी तथा ‘आल्टन्यूज’के जुबैरने आरोप लगाया कि ४ आक्रमणकारियोंने एक वृद्धको पीटा, उसकी दाढी निकलवाई तथा बलपूर्वक उससे ‘जय श्रीराम’ कहलवाया । ओवैसीने तो कहा कि बच्चों तथा वृद्धोंपर आक्रमणकर हिन्दू अपनी वीरताका परिचय देते हैं । जुबैरने भी इसी प्रकार भ्रम फैलाते हुए ‘हिन्दूवादी गुण्डे’ शब्द प्रयोग किया ।
घटना गाजियाबादकी है । जब पुलिसने कल्लू, आदिल नामक आरोपियोंको बन्दी बनाया, तो अन्य आरोपियों आरिफ तथा मुशाहिदके नाम ‘ऑल्टन्यूज’के जुबैरने छुपा लिए ।
पुलिसने बताया कि घटना ५ जून, २०२१ की है तथा उसे पीटनेवाले सभी आरोपी मुसलमान थे । उन्हें उसने ‘ताबीज’ विक्रय किया था, जिससे उन्हें कष्ट हुआ था । इसी कारण उन्होंने वृद्धकी पिटाई की थी ।
आतङ्कियों जैसे कर्म करनेवाले व उपद्रवियोंके सहयोगी जुबैर व ओवैसी जैसे लोग केवल और केवल देशमें आग लगानेका कार्य करते हैं । यह प्रकरण उत्तर प्रदेशमें हुआ है; अतः उत्तर प्रदेशकी गाजियाबाद पुलिसने भ्रम फैलानेवालोंके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है और इसमें पत्रकार राणा अयूबको भी आरोपी बनाया गया है ।
गाजियाबाद पुलिसकी इस कार्यवाहीके उपरान्त, भ्रामक समाचार फैलानेवाले सामाजिक जालस्थलोंपर क्षमा मांगते दिख रहे हैं । यह पहले देखनेको नहीं मिलता था । उत्तर प्रदेश शासन एवं गाजियाबाद पुलिस इस हेतु अभिनन्दन की पात्र हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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