असत्य सिद्ध हुआ गाय चोरीके शंकामें, हिन्दू भीडद्वारा मुसलमान व्यक्तिकी हत्याका प्रकरण
१४ जून, २०२१
सामाजिक जालस्थलोंपर हिन्दू विरोधी तत्त्वोंद्वारा सदैव ही हिन्दू धर्मके विरोधमें छद्म समाचार साझा किए जाते हैं । अब ऐसा ही एक प्रकरण असमके तिनसुकिया जनपदसे उजागर हुआ है । यहां एक व्यक्तिको पशुओंकी चोरीके आरोपमें भीडद्वारा पीट गया व उसकी मृत्यु हो गई; परन्तु समाचारको दूसरे रूपमें ही प्रसारित किया गया । ऑस्ट्रेलियाई लेखक सीजे वर्लमैनने ‘द वायर’मे समाचार साझा करते हुए लिखा कि २८ वर्षीय मुसलमान व्यक्तिकी हिन्दुत्व भीडने पीट-पीटकर हत्या कर दी, वह भी गाय चोरीके आरोपमें ! वहीं अन्य हिन्दू विरोधियोंद्वारा भी इसी प्रकारका समाचार प्रसारित किया गया, जिसका आधार था, ‘मुसलमानोंपर अत्याचार’ व हिन्दुत्वकी क्रूरता । प्रकरणका सत्य यह है कि यह बाघजन पुलिस थाना अन्तर्गत स्थित कोरजोंगा गांवका है । मृतककी आयु २८ वर्ष नहीं; अपितु ३४ वर्ष थी व वह मुसलमान नहीं था । उसका नाम था शरत मोरन, जो हिन्दू था । हत्याके आरोपमें दो व्यक्तियोंके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट कर दी गई है ।
असत्यको सत्यके रूपमें प्रस्तुत करना, यह वामपन्थियों व हिन्दू विरोधियोंका चिरकालसे चला आ रहा प्रयत्न है । अब इसमें भारतका गौरवशाली इतिहास हो या दिन-प्रतिदिनकी होती घटनाएं सभी छद्म प्रसारित करते हैं । इन राष्ट्रद्रोहियोंका केवल एक ही उद्देश्य है कि किस प्रकार हिन्दुओंको उनके धर्मोंसे पृथक कर दिया जाए एवं विश्वमें हिन्दू धर्मकी छवि धूमिल हो । ऐसे लोगोंका सभीको विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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