२० वर्षीय युवतीका २ वर्षतक सामूहिक दुष्कर्म, परिवादपर पुलिसने नहीं की थी कार्यवाही अब ‘सोशल मीडियापर’ चलचित्र
३ जुलाई, २०२१
राजस्थानके अलवर जनपदमें पिछले दो वर्षोंसे एक २० वर्षीय युवतीसे निरन्तर सामूहिक दुष्कर्म किए जानेकी घटना सामने आई है । इस घटनाका आरम्भ अप्रैल २०१९ में हुआ था । इसके पश्चात पीडिताने मई २०१९ में अलवरके ही मालाखेडा ‘पुलिस थाने’में परिवाद प्रविष्ट करानेका प्रयास किया था; परन्तु उस मध्य पुलिसने न प्रकरणमें परिवाद प्रविष्ट कियाऔर न ही किसी प्रकारकी कोई कार्यवाही की ।
इन दो वर्षोंमें आरोपियोंने पीडितासे अनेक बार दुष्कर्म किया । चलचित्रको ‘सोशल मीडिया’पर साझा करनेकी धमकी देकर उसे बार-बार प्रताडित किया ।
‘आईपीएस’ अधिकारीके अनुसार, पीडिताके परिवारके परिवाद प्रविष्ट नहीं करनेके प्रकरणमें ‘पुलिस’की भूमिकाकी जांच की जाएगी । यदि पुलिसवालोंके विरुद्ध कुछ मिलता है तो कार्यवाही की जाएगी ।
आज हो रहे दुष्कर्मके जघन्य प्रकरणोंके लिए जितने हमारे नेता उत्तरदायी हैं, यदि यह कहा जाए कि उतना ही उत्तरदायी पुलिस प्रशासन है, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी । आजके रक्षक ही भक्षकका कार्य कर रहे हैं । इस प्रकारके अनेक प्रकरणोंसे ज्ञात होता है कि ‘पुलिस’के रहते नागरिक कितने सुरक्षित हैं ? क्या ‘पुलिस’ केवल राजनेताओंकी रक्षा हेतु और उनकी आज्ञाओंका पालन हेतु ही है ? ऐसा तन्त्र किस उपयोगका, जो नागरिकोंको न्याय व सुरक्षा न दे सके । ऐसे तन्त्रमें परिवर्तनकी अति आवश्यकता है, जो अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके पश्चात ही सम्भव है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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