बकरीदपर ७२५ गायोंकी हत्या करेंगे रोहिंग्या, सबकोा २-२ किलो बीफ, काटनेसे पूर्व गायोंको सजाकर ‘रैली’ भी निकाली
२१ जुलाई, २०२१
जहां एक ओर हिन्दू गायको पवित्र मानते हैं, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेशके रोहिंग्या मुसलमान ‘बकरीद’के अवसरपर गायोंकी ‘कुर्बानी’की ‘तैयारी’में लगे हैं । ‘बकरीद’पर बांग्लादेशके ‘भाषण चार’ क्षेत्रमें ही २०० गायोंकी हत्या की जानी है । ये वही क्षेत्र हैं, जहां रोहिंग्या मुसलमानोंको बसाया गया है । बांग्लादेश शासनने ‘भाषण चार’ द्वीपपर २०० गायोंको भेजा है, जिससे जिहादी ‘बकरीद’ मना सके । शुक्रवार, १६ जुलाईको इन गायोंको एक जहाजसे द्वीपपर लाया गया । कई रोहिंग्या मुसलमानोंने इसके पश्चात राष्ट्रकी प्रधानमन्त्री शेख हसीनाके फलक लेकर प्रसन्नता मनाते हुए एक ‘रैली’ भी निकाली । २०० मेंसे १३५ गायोंकी व्यवस्था स्थानीय अधिकारियों व शासनने ‘Islamic Relief’ नामक ‘एनजीओ’के माध्यमसे की है । ‘बकरीद’के दिन इनकी हत्याके पश्चात गोमांस बनाकर वितरण किया जाएगा । यहांके कुल ३५ परिवारोंमें इन गायोंके मांस वितरित किए जाएंगे । अनुमान है कि प्रत्येक परिवारको २ किलो गोमांस मिलेगा । इसके अतिरिक्त यही ‘एनजीओ’ ‘कॉक्स बाजार’के रोहिंग्या मुसलमानोंको भी ३७५ गाय दे रहा है । साथ ही रोहिंग्या परिसरके आसपास रहनेवाले मूलनिवासियोंको भी १५० गायका मांस दिया जाएगा ।
‘पेटा’, वामपन्थी एवं तुष्टीकरणकी राजनीति करनेवालोंके मुख अब बन्द हैं, जब ‘बकरीद’पर गायको निर्दयतासे काटा जाता है । जिहादियोंके राष्ट्रमें बकरेको काटकर ‘बकरीद’ मनाई जाती थी; परन्तु जिहादियोंकी मानसिकता है, कैसे हिन्दुओंको प्रताडित किया जाए, इस कारण वे गायको काटकर ‘बकरीद’ मनाते हैं । ऐसे दिनोंको त्योहार नहीं कहा जा सकता है । यह केवल हत्या दिवस ही कहा जाएगा और इसके निहितार्थ हिन्दुओंको समझने होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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