‘बकरीद’पर मुंबईके देवनार पशुहत्यागृहमें ३०० भैंसोंकी हुई हत्या, महाराष्ट्र शासनने बंबई उच्च न्यायालयको दिया उत्तर
२१ जुलाई, २०२१
याचिकाकर्ताने न्यायालयसे कहा कि ‘बीएमसी’ने पूर्वमें ऐसा कोई सङ्केत नहीं दिया कि मारे जानेवाले पशुओंकी सङ्ख्या सीमित की जाएगी, ऐसेमें लोगोंने मारनेके लिए बडी संख्यामें पशु क्रय कर लिए और उनमेंसे कई अब शेष रह जाएंगे ।
महाराष्ट्र शासनने मंगलवार २० जुलाईको एक याचिकाके उत्तरमें बंबई उच्च न्यायालयको सूचित किया कि कठोर दिशानिर्देशोंको बनाए रखते हुए इसवर्ष मुंबईके देवनार पशुहत्यागृहमें केवल ३०० भैंसोंको मारनेकी अनुमति होगी । उच्च न्यायालयमें एक जनहित याचिका प्रविष्टकी गई थी, जिसमें न्यायालयसे प्रशासनको निर्देश जारी करनेका अनुरोध किया गया था कि ‘बकरीद’पर देवनार पशुहत्यागृहमें भैंसोंको काटनेके लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए ।
बृहन्मुंबई नगर निगम अर्थात बीएमसीने न्यायालयको आश्वासन दिया कि सार्वजनिक स्वास्थ्यको ध्यानमें रखते हुए इस सम्बन्धमें एक आदेश जारी किया गया है। नगर निकायके उत्तरसे सन्तुष्ट होकर उच्च नयायालयने याचिकाको निरस्त कर दिया है।
सत्तासुखके प्रलोभनने शिवसेनाको शवसेना बना दिया है । जो राजनीतिक दल अपने गठनसे लेकर एकवर्ष पहलेतक मांसके विक्रय और पशुहत्याके विरोध करनेका कोई अवसर नहीं छोडता था, आज उसी दलका अध्यक्ष सत्ताके शीर्षपर पहुंचकर पशुहत्याके नियम बनाकर आदेश पारित कर रहा है । जीवनभर हिन्दुत्वका दम भरनेवाले बाला साहेब ठाकरे भी अपने उत्तराधिकारियोंके कुकृत्योंपर अवश्य ही दुःखी होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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