बसपाका वक्तव्य, उत्तर प्रदेशमें सत्तामें आए तो बहुत तीव्र गतिसे बनाएंगे भव्य राम मन्दिर
२५ जुलाई, २०२१
अयोध्यामें शुक्रवार, २३ जुलाईको ‘बसपा’द्वारा किए गए एक सम्मेलनमें ‘बसपा’ दलके राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रने भाजपापर लक्ष्य साधते हुए प्रश्न उठाया और कहा, “भाजपा अयोध्यामें श्रीरामकी बात करती है; परन्तु सीता माताकी बात कभी नहीं करते । बिना माता सीताके तो श्रीरामकी बात करना अधूरा लगता है ।”
बसपाके राष्ट्रीय महासचिव और दलके ब्राह्मण ‘चेहरे’ सतीश मिश्रने ब्राह्मणोंको चुनावोंमें साथमें आकर अपनी शक्तिका प्रदर्शन करने जैसी बातें कहीं । उन्होंने आगे यह भी कहा कि यदि अगले वर्ष बसपा दल पूर्ण बहुमतसे उत्तर प्रदेशमें सत्तामें आती है, तो वे राम मन्दिरके धीमी गतिसे चल रहे कार्यको तीव्रता देंगे एवं भव्य राम मन्दिरका निर्माण भी करेंगे ।
उल्लेखनीय है कि बसपा स्वयंको भीमराव अंबेडकरके विचारोंपर चलनेवाला दल बताती है एवं यह दल लगभग प्रारम्भसे ही पिछडे वर्गके देशवासियोंका नेतृत्व करनेके लिए जानी जाती रही है । २००७ के चुनावोंमें भी बसपाने ब्राह्मण समाजका मत प्राप्त करने हेतु यह ‘ब्राह्मण कार्ड’ खेला था और भारी विजय प्राप्त की थी ।
सभी स्वार्थी नेताओंने अपने स्वार्थ पूर्ति हेतु जनताकी भावनाओंसे केवल खेलना सीखा है । यदि ऐसा नहीं है तो २००७ में ही बसपाद्वारा राम मन्दिरका निर्माण कार्य आरम्भ हो चुका होता; इसलिए ऐसे स्वार्थी नेताओंको बाहरका मार्ग दिखाया जाए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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